स्वास्थ्य विभाग का एक कर्मचारी ने फर्जी तरीके से फॉर्म भरकर 44 साल से कम उम्र की युवती को बुधवार को अस्पताल में कोरोना की वैक्सीन लगवाई।
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जानकारी के अनुसार एक 22 वर्षीय युवती ने वैक्सीन के लिए जो आवेदन जमा किया है, उसमें मेडिकल स्टोर की मुहर लगी है, जबकि एक अन्य मामले में केमिस्ट वर्कर को वैक्सीन लगाने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर की मुहर लगाना जरूरी है। युवती ने बुधवार को चंगर स्कूल में बने केंद्र में वैक्सीन लगवाई है। इस उम्र के लोगों का टीकाकरण 27 मई को होना है।
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इसके अलावा बुधवार को ही एक दवा विक्रेता के पूरे परिवार को भी वैक्सीन लगाई गई। अब एक तरफ जहां सूबे के लोग वैक्सीनेशन लगवाने के लिए बुकिंग स्लॉट पर घंटों बैठे रहते हैं। परंतु फिर भी उनकी बुकिंग नहीं हो पाती है। लेकिन अस्पताल में अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी तरीके से वैक्सीन लगवा रहे हैं।
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इस मसले को लेकर सीएमओ बिलासपुर डॉ प्रकाश दड़ोच ने कहा कि किसी मेडिकल शॉप की मुहर का आवेदन टीकाकरण के लिए मान्य नहीं है। इसके अलावा केमिस्ट को वैक्सीन लगाने की गाइडलाइन है, परिवार को नहीं। अगर जिला अस्पताल में ऐसा हुआ है तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई होगी। वहीं, डीसी रोहित जम्वाल ने बताया कि मामले में जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
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