धर्मशाला: मानव समाज के लिए कोरोना से अधिक भयावह और चिंताजनिक स्थिति लोगों के अंदर की खत्म होती मानवता है। मामला कांगड़ा जिले का है जहां एक महिला की अंतिम संस्कार में कंधा देने को कोई तैयार नहीं हुआ जबकि महिला संक्रमित भी नहीं थी।
मानवता को बचाने आगे आए SDM:
उक्त महिला की सामान्य मृत्यु हुई थी। कोविड जांच भी निगेटिव था लेकिन न उसके परिजन अंतिम संस्कार को तैयार हुए और न ही गाँव का कोई सदस्य। मामले की जानकारी जब SDM कांगड़ा अभिषेक वर्मा तक पहुंची तब उन्होंने तहसीलदार की देखरेख में वॉलिंटियर की टीम को घटनास्थल पर भेजा और महिला का अंतिम संस्कार संपन्न करवाया।
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घटना से आहत SDM अभिषेक वर्मा ने कहा कि जनता का ये व्यवहार बेहद अमानवीय है। यह समय एक दूसरे से दूर भागने का नहीं, अपितु आगे आकर एक दूसरे की सहायता करने का है। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में कोरोना पॉजिटिव दौरान होने वाली मृत्यु के प्रति जो डर बना है, उस डर को प्रत्येक व्यक्ति अपने मन से निकाले।
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उन्होंने एक कमेटी का गठन भी किया है। अगर परिवार व समाज वाले आगे नहीं आते हैं तो ऐसे लोगों का अंतिम संस्कार एसडीम कांगड़ा द्वारा गठित वॉलिंटियर टीम करेगी।
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