यह भी पढ़ें: हिमाचल कांग्रेस के तीन नेताओं ने दिखाया बड़ा दिल: कोरोना मरीजों के लिए दीं 5 एम्बुलेंस
घर से यह सैनिक गांव के ही व्यक्ति केहर सिंह के साथ बिलासपुर तक गया था और उसके बाद सुंदरनगर से किसी जान पहचान के अन्य लोगों के साथ किरतपुर तक जाने की बात अपने परिजनों के साथ कहकर गया था। सैनिक का पूरा परिवार आर्मी से ही जुड़ा हुआ है। इनके पिता और दो भाई भी सैनिक हैं।
यह भी पढ़ें: कोरोना टीकाकरण को लेकर सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन: यहां जानें सबकुछ
सैनिक की एक बेटी नर्स की ट्रेनिंग कर रही है। बेटा 11वीं कक्षा में पढ़ता है। सैनिक कुलदीप कुमार पुत्र लौंगू राम उम्र लगभग 40 साल की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में मंगलवार को किरतपुर पंजाब के उस क्षेत्र में मिली जहां से हिमाचल के लिए ट्रक क्लींकर लेकर आते हैं।
सैनिक की पहचान उसकी जेब में मिले आधार कार्ड से हुई। आनंदपुर साहिब थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को बुधवार को सौंप दिया गया है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल: 200 फीट गहरी खाई में जा समाई कार, 3 पहुंचे अस्पताल- 2 गंभीर
बाड़ी मझेड़वा में सीर खड्ड किनारे श्मशानघाट पर दाह संस्कार कर दिया गया। सैनिक जब अपने घर से गया था तो उसके पास दस हजार रूपए और दो मोबाइल फोन थे। लेकिन जब उसका शव बरामद हुआ तो उसकी जेब में मात्र पांच रुपये और रेल का टिकट मिला। घर से ड्यूटी को निकलने के चार दिन बाद शव मिलना अपने आपमें संदेह उत्पन्न कर रहा है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में बड़ी भारी चूक: हेल्थ सप्लाइज में मिले खून से सने ग्लब्ज और इस्तेमाल किए कंडोम
चेहरे और अन्य जगह पर चोट के निशान थे। जिससे किसी हत्या की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। उधर, बाड़ी मझेड़वा पंचायत के प्रधान पकंज चंदेल ने कहा कि बाड़ी मझेड़वा गांव का सैनिक अपने घर से ड्यूटी के लिए शनिवार सुबह निकला था। जिसका शव मंगलवार को किरतपुर में बरामद हुआ है दाह संस्कार बुधवार शाम को कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी हर अपडेट पाने के लिए यहां क्लिक कर डाउनलोड करें News 4 Himalayans का मोबाइल एप




0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks