लंबे समय के बाद पहली बार ऐसा संयोग बना है जब चंद्रग्रहण दोपहर के समय लगेगा। इसके साथ ही बुध पूर्णिमा भी इसी दिन रहेगी और ग्रहण दोपहर बाद 4:30 बजे तक रहेगा। चंद्रग्रहण का हिमाचल प्रदेश में कोई भी असर नहीं होगा।
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इस चंद्र ग्रहण को उपछायता ग्रहण माना जा रहा है। इसके चलते न तो ग्रहण से पहले कोई सूतक लगेगा और न ही ग्रहण के दौरान होने वाला पूजा-पाठ और दान मान्य होगा। यह ग्रहण आम समय की तरह रहेगा। जिसमें हर प्रकार के पूजा पाठ से लेकर शुभ कार्य किए जा सकेंगे।
चंद्रग्रहण भारतीय समय मुताबिक दो बजकर 17 मिनट पर आरंभ होगा और शाम सात बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगा। 26 मई को चंद्रमा वृश्चिक राशि में होगा।
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वहीं बुद्ध पूर्णिमा की पूजा शाम 4:30 बजे तक की जा सकती है। इसमें भगवान नारायण की पूजा होगी। भगवान नारायण की पूजा गंगाजल से लेकर दूध तक हो सकती है। इसके अलावा उन्हें तुलसी, खीरा, ककड़ी का चढ़ावा चढ़ाया जा सकता है और उनके नाम का दान-पुण्य भी किया जा सकेगा।
बुद्ध पूर्णिमा में किए गए शुभ कार्य फलदायी होते है। इसके साथ ही ग्रहण का कोई भी असर हिमाचल में नहीं रहेगा। पूर्णिमा के नाम पर ज्यादा से ज्यादा बेहतर काम करना चाहिए।
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