हिमाचल: BJP MLA का ऐसा रसूख; जनरल वार्ड में भर्ती करा दिया कोरोना मरीज, नियम दरकिनार

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हिमाचल: BJP MLA का ऐसा रसूख; जनरल वार्ड में भर्ती करा दिया कोरोना मरीज, नियम दरकिनार


"एक दिन भ्रष्टाचार सबके सामने आएगा, भ्रष्टाचारी चाहें उसे जितना छिपाने की कोशिश करें। इसलिए ये हर एक नागरिक की जिम्मेदारी होगी कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाए"महात्मा गांधी; 

गांधीजी ने भ्रष्टाचार से मुक्त भारत का सपना देखा था, लेकिन अफसोस कि आज यह नासूर की तरह हमारी सोसायटी में रच-बस गया है। लोग अक्सर बड़े-बड़े नेताओं के कहने पर अपना जमीर बेच देते हैं कुछ ऐसा ही हुआ है, हिमाचल प्रदेश के नगरोटा बगवां अस्पताल में। 

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जहां एक विधायक की सिफारिश पर अस्पताल प्रबंधन ने स्टाफ से झूठ बोलकर कोरोना पॉजिटिव महिला को जनरल वार्ड में दाखिल कर उसका इलाज करवाया। जब स्टाफ को पता लगा कि जिसका इलाज चल रहा है, वह पॉजिटिव है तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जैसे ही अस्पताल मीडिया के सवालों के घेरे में आया, उस कोरोना मरीज़ को डिस्चार्ज कर दिया गया।

क्या है पूरा माजरा?

जानकारी के अनुसार मरीज नगरोटा बगवां के बीजेपी विधायक अरुण मेहरा के पीए का रिश्तेदार है। सबसे पहले मरीज का आयुर्वेदिक अस्पताल पपरोला में 15 मई को covid टेस्ट होता है और पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद उसे 19 मई को वहां से डिस्चार्ज करवाया जाता है और इलाज के लिए नगरोटा अस्पताल लाते हैं। यहां बनी पर्ची पर लिखा गया कि मरीज 15 मई को पॉजिटिव आया है, लेकिन 20 मई सुबह रिपोर्ट निगेटिव है। 

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ये बताकर मरीज को नगरोटा बगवां के विधायक अरुण मेहरा कूका के निवेदन पर दाखिल किया जाता है। एडमिशन फाइल पर भी मरीज को "पोस्ट कोविड" दर्शाया गया, जबकि हैरानी की बात तो यह है कि उपचार के दौरान मरीज को कोरोना के इलाज की दवाइयां दी गईं, जो फाइल पर डाक्टर ने लिखी हैं। अब सोचने वाली बात ये है कि मरीज 4 दिन में कैसे निगेटिव हो जाएगा, जबकि स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीज को 17 दिन तक पॉजिटिव मानता है।

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इस मसले पर अस्पताल के एसएमओ हरि राज का कहना है कि हमारे पास मरीज की निगेटिव रिपोर्ट थी, इसलिए उसे भर्ती किया, मरीज को सांस लेने में तकलीफ थी\, शुगर ज्यादा थी। हालांकि एमएसमओ मरीज की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने में असफल रहे हैं।

क्या कहना है विधायक का?

विधायक अरुण मेहरा ने इस बारे में बताया कि विस क्षेत्र के हर शख्स की जान बचाना मेरा कर्तव्य है। बात मेरे पीए के मरीज की नहीं है, मैं हर आम आदमी का इलाज करवा रहा हूं। हमने कोरोना मरीजों के लिए नगरोटा बगवां अस्पताल में 10 बेड लगाए हैं। 

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यहां पर हमने कई कोरोना मरीजों का इलाज करवाया है। वहीं, विधायक के पीए ने खुद फोन कर धमकी भरे लहजे में कहा कि उनका मरीज पपरोला अस्पताल से निगेटिव होकर आया था, मरीज अब घर में है। 

मामले की जांच शुरू : सीएमओ

वहीं, सीएमओ जीडी गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी है और नगरोटा बगवां अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज की सरकार ने कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। 

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अब सवाल यह भी उठता है की जब नगरोटा बगवां अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज की सरकार ने कोई अधिसूचना जारी ही नहीं की है तो विधायक के कोरोना मरीजों के लिए नगरोटा बगवां अस्पताल में 10 बेड कब, कहां और कैसे लगे और मरीज़ की covid नेगेटिव रिपोर्ट कहां है?

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