इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले इस शख्स की पहचान राजस्थान के करौली जिले की तहसील टोबाभीम के तहत पड़ते गांव नांगलाट निवासी नंदकिशोर मीणा पुत्र छुट्टन लाल के रूप में की गई है।
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पुलिस ने डाक विभाग के अधिकारियों की शिकायत के आधार पर आरोपी ग्रामीण डाक सेवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार डाक विभाग की प्रक्रिया के तहत ही डाक सेवक नंदकिशोर मीणा के शैक्षणिक प्रमाण पत्र को नियमित जांच के लिए मंगवाया गया था। इसकी जांच के दौरान पाया गया कि नंदकिशोर मीणा का दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र फर्जी है।
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इसी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नंदकिशोर मीणा को डाक विभाग में नौकरी करने का मौका मिला है। विभागीय कर्मचारियों ने फौरन मामले की जानकारी पुलिस को दी।
डीएसपी अनिल कुमार मेहता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने डाक कर्मचारी के फर्जी प्रमाण पत्र को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं, विभाग के ही अधिकारियों की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
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