हिमाचल में बड़ी लापरवाही: ज़िंदा कोरोना मरीज को बताया मुर्दा, परिवार को दे दी दूसरे की लाश

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हिमाचल में बड़ी लापरवाही: ज़िंदा कोरोना मरीज को बताया मुर्दा, परिवार को दे दी दूसरे की लाश


सोलन। हिमाचल प्रदेश में जारी कोरोना वायरस के कहर के बीच प्रदेश के सोलन जिले स्थित अस्पताल द्वारा किया गया एक बड़ा अज़ब सा कारनामा सामने आया है। बतौर रिपोर्ट्स, यहां स्थित एमएमयू अस्पताल में उपचाराधीन एक ज़िंदा बुजुर्ग को पहले तो मृत बता दिया गया। वहीं, हद तो तब हो गई, जब उपचाराधीन शख्स के परिजनों को अस्पताल प्रशासन ने दाह संस्कार के लिए किसी दोसरे शख्स का शव सौंप दिया।

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मिली जानकारी के अनुसार सबसे पहले इस बात का पता चला कि कोटला मशीवर के रहने वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग शख्स केवल राम की जगह किसी अन्य का शव दिया गया है। इसके बाद जब मीडिया पूरे मामले की तफ्तीश की गई तो इस बात का खुलासा हुआ कि असल में केवल राम का निधन हुआ ही नहीं है। वो उपचाराधीन ही हैं। 

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बतौर रिपोर्ट्स, चंबाघाट में अंतिम संस्कार से कुछ देर पहले जब परिजनों को जब इस बात का संदेह हुआ कि यह शव किसी दूसरे का है तो देखने पर पता चला कि किसी अन्य व्यक्ति का शव किट में पैक कर उन्हें दे दिया गया है। इसके बाद मौके पर बवाल मच गया। मामले का पता चलने के बाद एसडीएम भी मौके पर पहुंचे।

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बुजुर्ग के पोते ने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण परिवार की भावनाओं को आघात पहुंचा है। बुजुर्ग के पोते ने कहा कि शव को उनके दादा के ही कपड़े पहनाए गए थे। उनकी एक अंगुली में सोने की अंगूठी थी, जबकि कान में भी सोने की बाली पहनते थे। लेकिन जो शव पहुंचा, उन्होंने चांदी की अंगूठी पहन रखी थी। 

वहीं, DC केसी चमन ने कहा कि तुरंत ही शव को वापस ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई है।

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजन उप्पल ने कहा कि मीडिया के माध्यम से ही मामला संज्ञान में आया है। सीएमओ ने कहा कि एमएमयू में तीन का निधन हुआ था, जबकि एक की मौत बद्दी के काठा में हुई। दो शव सिरमौर भेजे गए थे। 

उधर, एमएमयू अस्पताल के डॉ मनप्रीत ने कहा कि मरीजों की हालत क्रिटिकल है। यहां भी काफी दबाव चल रहा है। उन्होंने माना कि बुजुर्ग केवल राम का उपचार जारी है। नाम की समानता की वजह से गलती हुई है।

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