मामले में बुधवार को अदलात में 164 के तहत पीडिता के बयान दर्ज किए गए हैं। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान में पीड़िता उन आरोपों पर कायम रही जो उन्होंने एफआईआर में पुलिस अधिकारी पर लगाए हैं।
यह भी पढ़ें: शुरू हो चुका है साल का पहला चंद्रगहण, यहां वीडियो में Live देखें आसमान का बदलता नजारा
इसके साथ ही मामले में गवाह पुलिस कर्मियों को भी एक-एक कर बुलाने के लिए संपर्क कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि जांच टीम में महिलाओं को भी सिर्फ इसलिए शामिल किया गया है, ताकि पीड़ित या अन्य महिला गवाहों को जांच के दौरान अपनी बात रखने में परेशानी न हो। पीड़िता के कलमबद्ध बयान की कार्रवाई के बाद अब सीआईडी आरोपित पुलिस अधिकारी को पूछताछ के लिए तलब करेगी।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में रोजी-रोटी छीन रहा कोरोना: फंदे से झूले दो लोग, एक था ड्राइवर- तो एक दुकानदार
बता दें, शिमला में तैनात एक महिला पुलिस कर्मी ने तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के खिलाफ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में आरोपी, पीड़ित और गवाह सभी शिमला में ही तैनात थे।
ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के लिए डीजीपी संजय कुंडू ने जांच सीआईडी को सौंप दी थी। सीआईडी के एसपी शिव कुमार की अध्यक्षता में गठित एक एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल कांग्रेस की सारी गुटबाजी के पीछे CM कैंडिडेट पद का लालच तो नहीं! यहां समझें समीकरण
आरोपित अधिकारी जिला पुलिस में महत्वपूर्ण पद पर तैनात था। एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद आरोपित अधिकारी को तत्कालीन पद से हटा दिया गया था। फिलहाल आरोपित पुलिस अधिकारी 27 मई तक अंतरिम जमानत पर है।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी हर अपडेट पाने के लिए यहां क्लिक कर डाउनलोड करें News 4 Himalayans का मोबाइल एप




0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks