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यह मामला कुल्लू जिले के एक निजी अस्पताल से सामने आया है। बतौर रिपोर्ट्स, 57 वर्षीय रामकृष्ण जलशक्ति विभाग में बतौर फिटर कार्यरत थे और उन्हें पेट दर्द की शिकायत थी। ऐसे में वह एक अस्पताल से क्लोनोस्कोपी के लिए टेस्ट लिए लाया गया था।
दोपहर बाद टेस्ट की प्रक्रिया के दौरान उन्हें इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। वहीं, इस बारे में सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमोर्टम के लिए भेज दिया है।
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मिली जानकारी के अनुसार, जानकारी के अनुसार मंडी जिले की कथोग पंचायत के रामकृष्ण मंडी के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। एक टेस्ट करवाने के लिए डॉक्टर ने उन्हें कुल्लू के निजी अस्पताल में भेजा।
टेस्ट की प्रक्रिया के दौरान एक इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद रामकृष्ण की मौत हो गई। मरीज की अचानक हुई मौत को देखते मृतक के भाई ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
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पुलिस के सामने अस्पताल के डॉक्टर मृतक के भाई को समझाते रहे कि आम मरीजों की तरह ही उपचार किया गया है। मृतक के भाई नारायण ठाकुर के अनुसार उनका भाई गाड़ी से उतरने के बाद अस्पताल के अंदर खुद चलकर गया था। कुछ देर पहले तक वह ठीक था।
इसलिए दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसका सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है। वहीं, पुलिस द्वारा पोस्टमोर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
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