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मामला लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज नेरचौक में स्थापित कोविड अस्पताल का है । यहां ऑक्सीजन की सप्लाई का टोटा शुरू हो गया है। वहां पर उपचाराधीन मरीज के तिमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन पर ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर कई आरोप भी लगाए हैं।
बिलासपुर जिला के घुमारवीं क्षेत्र की 58 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज महिला के तिमारदार राजेश कुमार का आरोप है कि वे अपने मरीज को लेकर मेडिकल कालेज नेरचौक में उपचार के लिए आए थे।
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इसी दौरान कोविड वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई कम होने के कारण मौके पर मौजूद डाक्टरों को भी समस्या आ रही थी। इस कारण डाक्टरों को भी ऑक्सीजन का लेवल कम करना पड़ गया।
उन्होंने कहा कि इससे उनके मरीज का भी ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण तबीयत खराब हो गई। राजेश कुमार ने कहा कि इस मामले को लेकर उनके द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के 1100 नंबर पर शिकायत भी दर्ज करवाई गई है।
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मामले पर डेडिकेटेड कोविड अस्पताल नेरचौक के मुख्य चिकित्सा अधिकारी जीवानंद चौहान ने कहा कि मेडिकल कॉलेज नेरचौक में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक हो गई है। इस कारण क्षमता से अधिक ऑक्सीजन बेड की जरूरत होने से ऑक्सीजन की सप्लाई पर भी प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने कहा कि जब कंपनी द्वारा मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था तो इसकी क्षमता 120 बेड थी। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में हालात बिगड़ने के कारण ऑक्सीजन की बढ़ी हुई मांग के कारण समस्या आ रही है।
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