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ताजा मामला सूबे में बिलासपुर जिले से सामने आया है, जहां पर एक बेटे का पिता होने के बावजूद बेटी की चाह रखने और उसका जीवन संवारने के लिए बाड़ी गांव के अमन ने यह सोच कर तीन माह पहले बच्ची को गोद लिया, लेकिन उसका सपना अधूरा ही रह गया।
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मिली जानकारी के अनुसार घुमारवीं उपमंडल की पडयालग पंचायत के बाड़ी गांव के 38 वर्षीय अमन की कोरोना के कारण मौत हो गई। अमन पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमित हो गए। अमन की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण नेरचौक स्थित कोविड अस्पताल ले जाया गया था। जहां पर इनका इलाज चल रहा था। बीते सोमवार रात करीब ढाई बजे अमन ने दम तोड़ दिया।
पत्नी को दो मासूमों के साथ लड़नी होगी जिंदगी की जंग
अमन का 12 साल का बेटा है। वहीं, तीन महीने पहले ही अमन ने एक बच्ची को गोद लिया था। अब उस बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया। पिता की मौत के बाद दोनों बच्चों की जिम्मेदारी मां पर आ गई है। अमन की पत्नी गृहिणी है, परिवार में सास और अमन के बड़े भाई का परिवार है, लेकिन वो अलग रहते हैं।
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अब बिना किसी आमदनी के दोनों बच्चों का पालन पोषण अकेले करना अमन की पत्नी के लिए आसान नहीं होगा। पत्नी का कहना है कि वो उसके पति की हर जिम्मेदारी को निभाएगी। दोनों बच्चों का पालन पोषण वैसे ही करेगी जैसे अमन ने सोचा था। अमन के बड़े भाई ने बताया कि अमन अपने परिवार के साथ बहुत खुश था।
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