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बता दें हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट पिछले माह हुए सांसद रामस्वरूप शर्मा के निधन के बाद सीट खाली हो गई थी। वहीं, कांगड़ा जिले के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक एवं पूर्व मंत्री सुजान सिंह पठानिया (78) का निधन होने चलते यह सीट भी खाली हो गई थी, जिसके बाद यहां पर उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं।
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इसी कड़ी में सूबे के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों- बीजेपी और कांग्रेस ने अपने अपने नेताओं को दोनों सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए जिम्मेदारी भी सौंप दी थी लेकिन अब आयोग के फैसले की वजह से यह चुनाव टाल दिए गए हैं।
मद्रास हाईकोर्ट ने की थी आयोग की आलोचना
बता दें कोरोना महामारी के बीच 5 राज्यों के उपचुनाव को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई थी और उसे कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
मद्रास उच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग की तीखी आलोचना करते हुए उसे देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के लिए 'अकेले' जिम्मेदार करार दिया और कहा कि वह ''सबसे गैर जिम्मेदार संस्था'' है। अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या के आरोपों में भी मामला दर्ज किया जा सकता है।




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