धर्मशाला: कोरोना के दौर में लोगों के अंदर की इंसानियत भी खत्म हो रही है। मामला धर्मशाला का है जहां एंबुलेंस कर्मी एक बुजुर्ग को सड़क किनारे ही छोड़ दिया।
घर के बजाय बजरी के ढेर के पास छोड़ दिया:
मिली जानकारी के अनुसार लगभग 10 दिन पूर्व, जसूर (तलवाड़ा रोड) निवासी वतन सिंह (80 वर्ष) कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जिसके बाद उनका इलाज धर्मशाला अस्पताल में चल रहा था। अस्पताल प्रशासन ने परिजनों से कहा कि यहाँ मरीज का सभी तरह का ख्याल रखा जाएगा, आप घर पर ही रहें, विशेष परिस्थिति में आपसे संपर्क किया जाएगा और समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधित अपडेट दी जाएगी।
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वतन सिंह ने 10 दिनों में कोरोना को मात दे दी। ठीक होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को सूचना नहीं दी और एंबुलेंस से घर के लिए भेज दिया लेकिन एम्बुलेंस कर्मी घर छोड़ने के बजाय सड़क के किनारे बजरी के ढेर के पास छोड़ दिया।
परिजनों ने की जांच की मांग:
बुजुर्ग वतन सिंह के पास कोई डिस्चार्ज रिपोर्ट नहीं थी। जसूर में सड़क किनारे बुजुर्ग को देखकर वहां से गुजर रहे किसी व्यक्ति से परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह को जानकारी दी, यशपाल ने स्थानीय प्रशासन के ध्यान में मामला को लाया और बुजुर्ग को सड़क के किनारे उतारने की बात कही। साथ ही कोविड केंद्र से वापस भेजने के बारे में जानकारी मांगी।
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प्रशासन ने जब कोविड केंद्र व जिला स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर वतन सिंह का स्वास्थ्य का ब्योरा मांगा तो विभाग ने उनके संक्रमणमुक्त होने की बात कही। जिसके बाद बुजुर्ग को घर ले जाया गया, साथ ही परिजनों ने सरकार से इस लापरवाही की जांच की मांग की है।
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हालांकि, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के एमएस राजेश गुलेरी ने कहा कि पॉजिटिव मरीज को ठीक होने के बाद पूरे प्रोटोकाल के हिसाब से घर भेजा गया है। गलती कहां हुई है, इसकी जांच की जाएगी।
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