क्या है महंगाई का डबल अटैक:
दरअसल कोरोनाकाल में विदेशों से आने वाले रिफाइंड पाम तेल पर प्रतिबंध एवं सन फ़्लावर के फसल बर्बादी से सरसों तेल और रिफाइन की क़ीमतों में दोगुना इज़ाफ़ा देखा गया है। बताया यह भी जा रहा है कि कर्नाटक, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में दलहन के फसल नुकसान से दालों की कीमतों में ₹20 से 25 रूपए की बढ़ोतरी हुई है।
आंकड़ों से महंगाई की मौजूदा स्थिति पर एक नज़र
वस्तु। कीमत 2020 2021
० सरसों तेल प्रति लीटर 130 170
० रिफिनेड प्रति लीटर 110 170
दाल प्रति किलो
० अरहर। 100 110
० मूंग। 90 110
० मूंग घुली 100 110
० उरद 90 110
० चने की दाल 60 75
० मसूर 85 85
क्या कहते हैं कारोबारी :
महंगाई पर कारोबारियों कि अलग अलग राय सामने आयी है। कुछ कारोबारी मौसम की मार एवं महामारी में आपूर्ति सेवा के ठप होने को महंगाई का कारण बताते हैं।
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वहीं कुछ टिड्डियों से हुए फ़सल बर्बादी से महंगाई के बढने का हवाला दे रहे हैं। ख़ैर कारण जो भी हो पर प्रदेशवासियों ख़ासकर गरीबों के लिए इस कोरोनो आपदा में महंगाई की दुहरी मार को झेलना आसान नहीं है।
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