हिमचलवासी कैसे झेलेंगे डबल अटैक: महामारी से हाहाकार पर महंगाई की मार, जानें कितना रेट बढ़ा

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हिमचलवासी कैसे झेलेंगे डबल अटैक: महामारी से हाहाकार पर महंगाई की मार, जानें कितना रेट बढ़ा

शिमला। हिमाचल प्रदेश में कोरोना महामारी के मार के बीच बढती महंगाई ने लोगों कि मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ₹110 का सरसों तेल ₹160 से ₹170, तो वहीं 90 रूपए का रिफाइन तेल ने ₹170 के दाम को छूकर लोगों के रसोईघर का संतुलन बिगाड़ कर रख दिया है।

क्या है महंगाई का डबल अटैक:

दरअसल कोरोनाकाल में विदेशों से आने वाले रिफाइंड पाम तेल पर प्रतिबंध एवं सन फ़्लावर के फसल बर्बादी से सरसों तेल और रिफाइन की क़ीमतों में दोगुना इज़ाफ़ा देखा गया है। बताया यह भी जा रहा है कि कर्नाटक, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में दलहन के फसल नुकसान से दालों की कीमतों में ₹20 से 25 रूपए की बढ़ोतरी हुई है।

आंकड़ों से महंगाई की मौजूदा स्थिति पर एक नज़र

वस्तु।                           कीमत 2020          2021

० सरसों तेल प्रति लीटर       130                   170

० रिफिनेड प्रति लीटर          110                   170

दाल प्रति किलो         

० अरहर।                         100                110

० मूंग।                              90                 110

० मूंग घुली                       100                110

० उरद                             90                  110

० चने की दाल                  60                   75

० मसूर                            85                   85

क्या कहते हैं कारोबारी :

महंगाई पर कारोबारियों कि अलग अलग राय सामने आयी है। कुछ कारोबारी मौसम की मार एवं महामारी में आपूर्ति सेवा के ठप होने को महंगाई का कारण बताते हैं। 

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वहीं कुछ टिड्डियों से हुए फ़सल बर्बादी से महंगाई के बढने का हवाला दे रहे हैं। ख़ैर कारण जो भी हो पर प्रदेशवासियों ख़ासकर गरीबों के लिए इस कोरोनो आपदा में महंगाई की दुहरी मार को झेलना आसान नहीं है।

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