जो एक तो जाति के नाम पर हिंसात्मक संघर्ष कर रहे हैं और संविधान के तहत मिले हुए अधिकारों का गलत तरीके से फायदा भी रहे हैं। ताजा मामला सूबे के बिलासपुर जिले से सामने आया है।
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जहां पर निचली जाती के लोगों ने अपने निजी झगड़े को लेकर सवर्ण समाज की एक बेटी पर जानलेवा हमला कर दिया। यह हमला इतना क्रूर था कि इन जाति विशेष के लोगों ने लड़की को अकेला पाकर पहले उसपर डंडे और पत्थरों से हमला किया। वहीं, उसकी नाक की हड्डी तक तोड़ दी। लड़की की उम्र 21 साल बताई जा रही है।
आरोपी को एससी-एसटी एक्ट का फायदा दिया जा रहा!
इस पूरे मामले में हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने लड़की के पुलिस के पास पहुंचने से पहले थाने में जाकर, लड़की के परिवार के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवा दिया। आरोपियों द्वारा लड़की के परिवार पर इस बात का आरोप लगाया गया है कि उन्होंने जातिसूचक शब्द कहे थे।
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वहीं, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पहले से केस दर्ज हो जाने के कारण पुलिस ने भी लड़की के पक्ष में कार्य नहीं किया है। अब इस पूरे मसले को उठाते हुए स्वर्ण समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के दफ्तर में धरना देकर कहा कि यदि सरकार और पुलिस प्रशासन, इस प्रकार के झूठे मुकदमों को बंद नहीं करता तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ऐसे मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाने चाहिए। समुदाय विशेष को अनुचित तरीके से एससी व एसटी एक्ट का फायदा दिया जा रहा है।




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