ताजा अपडेट के अनुसार भारत में मामलों की प्रति लाख दर 1499.5 के मुकाबले हिमाचल में 1530.3 मामले आ रहे हैं। भारत की मृत्यु दर 1.1 है, जबकि हिमाचल की मृत्यु दर 1.5 है।
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वहीं, अगर रिकवरी रेट की बात की जाए तो यहां हिमाचल प्रदेश फिसिड्डी साबित हुआ है। भारत का रिकवरी रेट 81.9 है, जबकि हिमाचल का रिकवरी रेट 78.1 है। ये देश ही नहीं दुनिया से भी कम है।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में जहां अबतक 1,679 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है। इनमें महिलाओं के मुक़ाबले पुरुषों का आंकड़ा ज्यादा है। हिमाचल में 64.8 फ़ीसदी की पुरुष मृत्यु दर है, जबकि महिला मृत्युदर 35.2 फ़ीसदी है।
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वहीं, मृत्यु दर पर अगर विस्तार से नजर डालें तो हम पाएंगे कि गंभीर बीमारियों से मरने वालों की ज्यादा है। यानी कि 65.5 फ़ीसदी गंभीर बीमारियों वाले लोग कोरोना के ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
इसमें भी मधुमेह के रोगियों को कोरोना मौत के मुंह में ज्यादा धकेल रहा है। दूसरे नंबर पर उच्च रक्तचाप वाले लोग कोरोना की चपेट में आने के बाद मृत्यु का ग्रास बन रहे हैं। मृत्यु दर बढ़ने का मुख्य कारण कोरोना पॉजिटिव का समय पर अस्पतालों में ना आना है।
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