दरअसल, यहां स्थित बड़सर उपमंडल के गांव कसबाड़ डाकघर बल्याह के 37 वर्षीय युवक अमरदीप पुत्र प्रेमचंद की करोना से मौत हो गई। वहीं, पहाड़ जैसे 37 वर्षीय बेटे की जान बचाने के लिए उसके पिता ने हर जगह हाथ मारे पर उसे सफलता हासिल नहीं हुई।
पहले ही एक बेटे को खो चुका था पिता, अब दूसरा झटका
मिली जानकारी के अनुसार, युवक दिल्ली में रहता है। जहां ऑक्सीजन सिलेंडर न मिलने पर उसके पिता 4 मई को अपने बेटे को मोहाली में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। लेकिन भगवान् को शायद कुछ और ही मंजूर था।
बताया गया कि बुधवार रात को युवक ने दम तोड़ दिया। श्मशान घाट में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। युवक अपने पीछे पत्नी, 6 वर्ष का बेटा और 11 वर्ष की बेटी व माता-पिता और दादी छोड़ गया।
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लगभग 20 वर्ष पहले युवक के भाई की एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है। युवक की मौत से परिवार सदस्य सदमे में हैं। बल्याह पंचायत प्रधान वीरू जसवाल ने बताया कि युवक का कोविड नियमों के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया। बड़सर से तहसीलदार स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी। पंचायत के सेल्फ हेल्प ग्रुप के सदस्यों ने सहयोग किया।
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