मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले स्थित करसोग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां सतलुज नदी पर 19 लाख रूपए की लागत से बन रहा चाबा-शाकरा फुटब्रिज का ढांचा शनिवार को हवा के झोंके से ढह गया। हालांकि, हादसे के समय पुल का निर्माण रुका था, नहीं बड़ा हादसा हो सकता था।
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बता दें कि इस पुल के निर्माण से मंडी और शिमला की करीब पांच सौ की आबादी को फायदा मिलने वाला था। लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों को इस संबंध में सूचना दे दी गई है। इसी के साथ मामले की गहन छानबीन भी शुरू कर दी गई है। यह फुटब्रिज लोक निर्माण विभाग के सब डिवीजन सुन्नी के तहत बन रहा है।
जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई ठेकेदार ही करेगा
मिली जानकारी के मुताबिक़ शनिवार को निर्माणाधीन पुल का ढांचा हवा के झोंकों से कुछ देर तक झूलता रहा। देखते ही देखते पुल के एक हिस्से में लगे लोहे के बीम और चैनल टूटकर नदी में गिर गए।
इसके बाद पुल में उपयोग में लाई जा रही डेकिंग शीट भी हवा के साथ उड़कर नदी के तेज बहाव में बह गई। लाखों का पुल लोगों को समर्पित होने से पहले ही लोनिवि की लापरवाही की भेंट चढ़ गया।
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अब इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं कि घटिया निर्माण कार्य कर लोक निर्माण विभाग लोगों की जिंदगियों से खिलवाड़ कर रहा है। स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण के उपयोग में लाई जा रही सामग्री की क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए सरकार से मामले की जांच करवाने की मांग की है।
उधर, लोनिवि सुन्नी सब डिवीजन के एसडीओ चमन लाल सुमन ने कहा कि पुल कर कार्य अभी पूरा नहीं हुआ था। ऐसे में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई ठेकेदार ही करेगा।
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