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ऐसे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर थोड़े हैरान हो गए कि हमीरपुर के छोटे ठाकुर को हिमाचल में अचानक दिलचस्पी क्यों होने लगी है। हमीरपुर से बड़े ठाकुर यानी पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भी खासे सक्रिय हो रखे हैं। प्रदेश से बाकी सांसद भी हैं और आनंद शर्मा को छोड़ कर सभी भाजपा से हैं।
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ये लोग कोई प्रचार नहीं करा रहे हैं। अनुराग ने कुछ दिन पहले अपने संसदीय हलके में तीन आक्सीजन संयंत्र लगाने का भी प्रचार किया था। तब किसी ने इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। इस बार लोग चौकन्ने हो गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ओहदे और उम्र दोनों में अनुराग ठाकुर से बड़े हैं। ऐसे में कायदे से वह यह खेप उन्हें सौंपते तो इन दोनों ठाकुरों की शायद प्रदेश में जय-जयकार होती। भाजपाइयों का कहना है कि प्रदेश में सत्ता केंद्र में इन दिनों बड़े ठाकुर तो जयराम ही हैं।
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ऐसे में अनुराग को संशय था कि अगर मुख्यमंत्री को वह यह खेप भेजते हैं तो सारा श्रेय उन्हीं को जा सकता है। ऐसे में छोटे ठाकुर नड्डा को बीच में ले आए। उनके समर्थक कहते भी हैं कि अब छोटे ठाकुर चतुर हो गए हैं। कयास है कि छोटे ठाकुर हिमाचल में उत्तराखंड जैसी कवायद होने का सपना देख रहे हैं। इसीलिए उनकी दिलचस्पी इन दिनों इस ओर बढ़ी है।
बीमार के तीमारदार
कांग्रेस नेता व छह बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह इन दिनों बीमार हैं। वे हिमाचल की राजधानी के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान अस्पताल में कई दिनों से दाखिल हैं। उनके स्वास्थ्य में अब सुधार हो रहा है। प्रदेश के इन वरिष्ठ कांग्रेस नेता का मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर खूब ध्यान रख रहे हैं। वीरभद्र सिंह का मोहाली के पास एक अस्पताल में कोरोना का इलाज हुआ था। जब उन्हें वापस राजधानी लौटना था तो जयराम ठाकुर ने उनके लिए हेलिकॉप्टर भेजा।
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जब वीरभद्र सिंह इंदिरा गाधी आयुर्विज्ञान अस्पताल में दाखिल हुए तो मुख्यमंत्री अपने तीन मंत्रियों के साथ तुरंत उनका हालचाल जानने अस्पताल पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री के इन कदमों से कांग्रेसी भी गदगद हो गए थे कि मुख्यमंत्री विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं का कितना ध्यान रखते हैं। पहली बार मुख्यमंत्री बने जयराम ठाकुर को इसका सियासी लाभ भी मिलता रहा है। इससे एक तो अनावश्यक रूप से कांग्रेस के निशाने पर नहीं आते हैं। वहीं उनकी छवि संवेदनशील और भले मुख्यमंत्री की बन रही है।




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