जयराम सरकार से निराश हुए बस ऑपरेटर: बोले- फूंक देंगे अपनी बसें और करेंगे भूख हड़ताल

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जयराम सरकार से निराश हुए बस ऑपरेटर: बोले- फूंक देंगे अपनी बसें और करेंगे भूख हड़ताल

शिमला। हिमाचल प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर बीते तीन दिनों से सूबे के प्राइवेट बस ऑपरेटर्स अपनी बसों का संचालन बंद कर धरने पर बैठे हुए हैं। कोरोना काल के इस दौर में महंगाई समेत तमाम सारी समस्याओं का सामना कर रहे बस ऑपरेटर्स द्वारा सरकार के सामने कुछ मांगें रखी गई हैं, जिन्हें सरकार द्वारा लगातार और काफी लंबे समय से अनसुना किया जा रहा है। 

कल हुई कैबिनेट से टूट गई उम्मीदेंम, उग्र करेंगे हड़ताल  

वहीं, बीते कल आयोजित की गई कैबिनेट बैठक से इन बस ऑपरेटर्स को उम्मीदें थीं कि सरकार उनकी मांगों को पूरी करने के लिए कुछ विचार विमर्श कर जरूरी ऐलान करेगी, लेकिन सरकार ने अपने फैसलों में काफी भी इन बस ऑपरेटर्स का जिक्र तक नहीं किया। 

जिससे प्राइवेट बस संचालकों के चेहरे उदास हो गए और सरकार से उनकी उम्मीद भी एक हद तक टूट गई। हालांकि इसके बावजूद भी इनका हौसल कायम और इन लोगों ने अपनी हड़ताल को उग्र और वृहद् करने का फैसला किया है। 

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इन बस ऑपरेटर्स ने भूख हड़ताल व हर जिले में बसों को जलाने की चेतावनी दी है। बुधवार को मंत्रिमडल की बैठक के बाद निजी बस ऑपरेटर्स ने वर्चुअल बैठक की। 

इसमें निर्णय लिया गया है कि निजी बस ऑपरेटर प्रदेश में 16 मई से आंदोलन को ओर तेज कर देगें। इसमें भूख-हड़ताल सहित हर जिले में आरटीओ कार्यालय के बाहर एक एक बसों को जलाया जाएगा। इसकी पुष्टि यूनियन के महासचिव रमेश कमल ने की है। 

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उन्होंने प्रदेश के अधितर जिलों में बसों के न चलने का दावा किया है, मगर राजधानी शिमला में चिंतपूर्णी बस सर्विस की दो बसों सहित कांगड़ा में कुछ बसें चल रही हैं। उधर, अधिकतर रूटों पर बसों का संचालन बंद होने से जनता को बसों को इंतजार करते हुए देखा गया। 

कई लोगों के पैदल सफर करने की सूचना है। निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने कहा है कि सरकार की नजरअंदाजी के चलते निजी बस ऑपरेटर को हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा है। 

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उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को समय रहते माना होता तो ऑपरेटर्स हड़ताल नहीं करते। उन्होंने कहा कि बार-बार आश्वासन और झूठी घोषणाओं के कारण निजी बस ऑपरेटर ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। 

उन्होंने कहा है कि अगर सरकार द्वारा जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया तो भूख हड़ताल, आमरण अनशन जैसे कदम उठाए जाएंगे। निजी बस ऑपरेटर टैक्स माफी सहित वर्किंग कैपिटल ग्रांट जारी करने की मागं उठा रहे हैं।

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