हालांकि इस बात का पता नहीं चल पाया है कि ये पोस्टर किसके द्वारा फेंके गए हैं। लेकिन कहीं ना कहीं इन पोस्टरों के माध्यम से उक्त लोग यह साबित करना चाहते हैं कि वे जिला परिषद यदस्य के कामों से खुश नहीं हैं।
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मिली जानकारी के अनुसार रविवार सुबह भंजाल के जिला परिषद सदस्य चैतन्य शर्मा के गृह क्षेत्र में अज्ञात वाहन द्वारा कुछ पोस्टर फेंके गए। वहीं इन पोस्टरों में जिला परिषद चैतन्य शर्मा और उनके पिता को गुमशुदा बताया गया है। यह पोस्टर गगरेट बचाओ मंच के नाम से बांटे जा रहे हैं।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में चैतन्य शर्मा सबसे अधिक वोटों से चुनाव जीतने वाले ज़िला परिषद प्रत्याशी हैं। उन्होंने चुनाव में पार्टी टिकट न होने के बावजूद भारी बहुमत हासिल किया था।
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वहीं इस पूरे मामले को लेकर चैतन्य शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि वो रोजाना 200 से अधिक फोन सुनते हैं और उनकी तीन गाड़ियां सैनिटाइजेशन के कार्य में लगी हुई हैं। इसके अलावा तीन एंबुलेंस क्षेत्र में मरीजों को सुविधा दे रही हैं।
वहीं, एक गाड़ी लगातार राशन बांटने के कार्य में जुटी हुई है, यहां तक की ऑक्सीजन सिलेंडर भी मरीजों को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में वह क्या सफ़ाई दें, उनका काम खुद ऐसे लोगों को जवाब दे रहा है।
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गौरतलब है कि इस पूरे मामले में राजनतिक प्रतिशोध साफ़ नजर आ रहा है, क्योंकि चैतन्य शर्मा ने इन चुनावों में करिश्मा करते हुए पूरे हिमाचल में सबसे ज्यादा ज्यादा मतों से चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया था और दो बड़ी राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त करवा दी थी। ऐसे में यह भी संभव है कि उनकी छवि को दागदार बनाने के लिए विपक्षियों द्वारा यह षडयंत्र रचा जा रहा हो।
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