काठा में वेंटिलेटर न मिलने पर महिला को बद्दी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, वहां वेंटिलेटर मिला मगर आधे घंटे में ही महिला ने दम तोड़ दिया।
डॉक्टरों ने बताई थी वेंटिलेटर की आवश्यकता:
मृतक महिला की पहचान रामशहर के बडू गांव की 53 वर्षीय महिला के रूप में हुई है। उक्त महिला को सांस लेने में तकलीफ की वजह से दो मई को काठा अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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इससे पहले कोविड संक्रमित होने की वजह से वह नालागढ़ अस्पताल में भर्ती थी। काठा अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे वेंटिलेटर की जरूरत बताई। लेकिन महिला के लिए वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हो सकी।
बीबीएन का सबसे बड़ा अस्पताल है काठा:
बता दें कि काठा अस्पताल बीबीएन का सबसे बड़ा अस्पताल है। अव्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पिछले वर्ष काठा अस्पताल में आईसीयू रिपेयर का कार्य चला था लेकिन लॉकडाउन लगने से यह काम अधूरा ही रह गया।
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यहां पर तीन वेंटिलेटर मौजूद हैं लेकिन चालू नहीं किए गए। यह शोपीस बने हुए हैं। हालांकि, प्रशासन का यह भी कहना है कि एक-दो दिन में विशेषज्ञ बुलाकर वेंटिलेटर को चालू कर दिया जाएगा।
अव्यवस्था की वजह से गई है दूसरी जान:
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में अव्यवस्था की वजह से कोरोना मरीज की मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले हमीरपुर में भी एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत अव्यवस्था की वजह से हो गई थी।
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एक तरफ सरकार दावा कर ही है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। कोविड मैनेजमेंट को लेकर युद्ध स्तर पर तैयारी चल रही है। बावजूद हो रही इन तरह की मौतों को सरकार को गंभीरता से लेना होगा।
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