वहीं, अब इस बेरहम कोरोना ने ऊना जिले में रहने वाले दो मासूमों को ऐसा जख्म दिया है कि अब उनके आगे पीछे कोई भी नहीं बचा रह गया है।
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मामला जिले के उपमंडल हरोली स्थित लोअर बढ़ेड़ा में कोरोना बीमारी ने दो मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया है। पिता की मौत के बाद अब कोरोना महामारी से मां का सहारा भी छीन लिया है। मां की मौत से दोनों बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है।
हरोली उपमंडल के लोअर बढ़ेड़ा की एक महिला बीते दिनों कोरोना संक्रमित हुई और ज्यादा तबीयत खराब होने पर महिला ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। महिला के पति की दो साल पहले ही मौत हो चुकी है।
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पति के निधन के बाद से मंजू बाला ने पति की दुकान संभाल रही थी। महिला घालूवाल में चना भटूरे और नान की दुकान चलाती थी। दुकान से ही वह अपने बच्चों को पालती थी, लेकिन कोरोना का ऐसा कहर बरपा कि अब इस परिवार में केवल 15 साल का बेटा और 13 साल की बेटी रह गई है।
मां का साया उठने से दोनों ही बच्चे गम में डूबे हैं। उधर, पंचायत के प्रधान अजय कुमार लवली ने कहा कि घटना दुखद है। परिवार की हर संभव सहायता की जाएगी।
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