हिमाचली पति-पत्नी ने रिश्तेदार से की ठगी; PGI में नौकरी के नाम पर ऐंठ लिए 15 लाख

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हिमाचली पति-पत्नी ने रिश्तेदार से की ठगी; PGI में नौकरी के नाम पर ऐंठ लिए 15 लाख

मंडी/चंडीगढ़: बढ़ती बेरोजगारी के बीच नौकरी के नाम पर ठगी के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। लेकिन ताजा मामला में हिमाचली दंपति ने अपने से रिश्तेदार को PGI चंडीगढ़ में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख ऐंठ लिए। 

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मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित कालका की रहने वाली है और उसने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी जालंधर से कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा किया है। पीड़िता ने शिकायत की है कि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के सरकाघाट तहसील अंतर्गत कोट गांव के रहने वाले उसके रिश्तेदार ने उसके साथ ठगी की है। दर्ज शिकायत में आरोपी विशाखा और संजीव कुमार पति-पत्नी बताए गए हैं औऱ विशाखा पीड़िता के बुआ की पोती है। 

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पीड़िता का कहना है कि विशाखा ने उससे फोन पर संपर्क किया और बताया कि उसके पति संजीव कुमार पीजीआई चंडीगढ़ में सुपरवाइजर हैं। उनकी वहां अच्छी पहुंच है, वह तुम्हें पीजीआई में स्थायी नौकरी पर लगवा देंगे। इस बातचीत के कुछ दिन के बाद विशाखा अपने पति संजीव को लेकर मंडी से कालका पहुंची। दोनों ने कहा कि नौकरी लगाने के लिए 15 लाख रुपये लगेंगे। उनके विश्वास में आकर पीड़िता की माता और भाभी ने 75 हजार रुपये नकद दे दिए।

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शेष रकम उनके एकाउंट में ट्रांसफर करने का आश्वासन दिया। युवती के अनुसार उसके परिजनों ने दिनांक 17 अक्तूबर 2019 से 23 दिसंबर 2019 तक संजीव कुमार के खाते में विभिन्न खातों से 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए।

फर्जी नियुक्ति पत्र भिजवाया

पैसे जमा करने के बाद फरवरी महीने में पीड़िता को स्पीड पोस्ट से एक नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। उस पर नियुक्ति प्राधिकारी के हस्ताक्षर और मोहर लगी थी। जब वह नियुक्ति पत्र लेकर पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचीं तो किसी ने भी उसको नौकरी पर नहीं रखा। जिसके बाद पीड़िता को शक हुआ कि संजीव कुमार ने मिलीभगत कर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर भिजवाया है। इस मामले में संजीव कुमार से संपर्क किया गया तो जवाब मिला कि जल्द ही दूसरा पत्र भी आ जाएगा। 

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आपको स्थानीय नौकरी मिल जाएगी। दिनांक 18 मार्च 2020 को भी एक दूसरा पत्र डाक द्वारा पीड़िता के घर पहुंचा। इस पत्र पर जॉइनिंग की किसी तारीख का उल्लेख नहीं था। यह पत्र संविदा का था। पीड़िता ने जब संजीव और विशाखा से संपर्क किया तो वह आनाकानी करने लगे और संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने फोन उठाने भी बंद कर दिया।

रुपये वापस करने का दिया आश्वासन

युवती ने बताया कि फिर वह अपने मामा को साथ लेकर संजीव की ससुराल कोड निवाड राजगढ़ गई। वहां विशाखा और संजीव ने लिखित में आश्वासन दिया कि 13।50 लाख रुपये 5 अगस्त 2020 तक वापस कर देंगे। रुपये वापस नहीं करने पर कानूनी कार्यवाही कर सकते हो। अब जब रुपये मांगते हैं तो उसको और परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती है। 

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युवती ने उपरोक्त मामले को लेकर संजीव कुमार, विशाखा और  दीपू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कालका पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

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