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वहीं, जब स्थानीय लोगों ने सुबह के वक्त मरे हुए मुर्गे-मुर्गियों को देखा तो हड़कंप मच गया। फिर प्रशासन को तुरंत इसकी सूचना दी गई। इसके बाद स्थानीय प्रशासन से एसडीएम अजय यादव समेत पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया है। एसडीएम ने इसकी जांच के आदेश भी दिए हैं। सैंपल लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। मरे हुए मुर्गे-मुर्गियों को गड्ढे में दबा दिया गया है।
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मिली जानकारी के मुताबिक कुछ माह पूर्व भी कालका-शिमला एनएच पर धर्मपुर के समीप भी मरे हुए मुर्गे-मुर्गियां मिले थे।
गौरतलब है कि कालका-शिमला नेशनल एनएच पांच पर पहले भी जनवरी माह के शुरू में लगातार चार दिन मृत मुर्गे फेंके पाए गए थे। इसके बाद पशुपालन विभाग की टीम ने अलग-अलग जगह से पांच-पांच रैंडम सैंपल भरे थे। इन्हें जांच के लिए जालंधर भेजा गया था।
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जालंधर लैब में भेजे इन सैंपलों की रिपोर्ट संदेहास्पद आने के कारण भोपाल लैब में भेजा गया था, जहां की रिपोर्ट के अनुसार इनमें बर्ड फ्लू के लक्षण की पुष्टि हुई थी। अब दोबारा से एनएच किनारे मृत मुर्गे और मुर्गियों के मिलने से लोगों में भय का माहौल है।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि हाईवे के किनारे फेंके गए मृत मुर्गों के सैंपल लेने के बाद उन्हें नियमानुसार दबा दिया है। सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
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