यह भी पढ़ें: हिमाचल: पुलिस को देख भागने लगा युवक, दौड़कर पकड़ा तो मिली ढाई लाख की चरस
पूछताछ में पता चला कि दर्द के लिए बनी दवा जिसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जाता है वह पांवटा साहिब में तैयार हुई थी। बताया गया कि फैक्टरी मालिक उसका पूरा रिकॉर्ड नहीं दे पाया, जिसके बाद ड्रग डिपार्टमेंट का शक और गहरा गया। जांच के बाद अनियमितताएं भी पाई गई। फैक्ट्री में दवा का रॉ मैटीरियल वह तैयार दवाएं भी मौजूद थी।
इसी के चलते पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत इस मामले पर पांवट साहिब पुलिस के सहयोग से यह छापामारी की। पुलिस टीम कंपनी के दस्तावेजों को खंगाल रही है। पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई गुरूवार देर रात तक जारी रही।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में सुबह-सवेरे: महिलाओं से टकराई कार, एक गंभीर हालत में पहुंची अस्पताल
इस संयुक्त छापेमारी की पुष्टि जिला सिरमौर के सहायक ड्रग कंट्रोलर सनी कौशल ने पंजाब पुलिस व जिला सिरमौर के ड्रग विभाग ने की है। वहीं, उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पांवटा साहिब के एक उद्योग में बने ट्रामा*** कैप्सूल कहां-कहां पर किस डीलर को सप्लाई किया गया है, इसकी छानबीन चल रही है।
सहायक दवा नियंत्रक के द्वारा की गई कार्रवाई के बाद फैक्ट्री प्रबंधन को शो कॉज नोटिस देते हुए फिलहाल प्रोडक्शन पर रोक लगा दी गई है।




0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks