गुड़िया मामले की सुनवाई से अलग हुए जस्टिस चौहान; दोबारा जांच की याचिका पर विचार अभी नहीं

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

गुड़िया मामले की सुनवाई से अलग हुए जस्टिस चौहान; दोबारा जांच की याचिका पर विचार अभी नहीं

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में गुड़िया दुष्कर्म मामले की जांच पुनः करवाए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई फिलहाल टल गई।  

न्यायधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ के समक्ष मामले पर सुनवाई हुई, जिसमें न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने सुनवाई वाले बैंच से खुद को अलग कर लिया है। 

यह भी पढ़ें: खुशखबरी: हिमाचल के युवाओं के लिए 207 पदों पर नौकरियां, जल्दी करें- ये रही पूरी डीटेल

गौरतलब है कि हाल ही में 28 अप्रैल को इस बहुचर्चित केस में शिमला जिला अदालत में विशेष न्यायाधीश राजीव भारद्वाज की अदालत ने ने 28 वर्षीय अनिल कुमार उर्फ नीलू उर्फ चरानी नामक युवक को दोषी करार दिया है। 

धारा 372 (2) (I) और 376 (A) के तहत बलात्कार का दोषी माना। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उसे हत्या और धारा 4 में दमनकारी यौन हमला करने की सजा का पात्र माना। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल: दाह संस्कार करने गए थे हो गई जल समाधि, जलस्तर बढ़ने से खड्ड में बहा शव

पीड़िता नाबालिग थी, इसलिए POCSO के तहत भी दोषी माना। सजा का ऐलान करने के लिए कोर्ट ने 11 मई की तारीख दी है। इसी बीच संबंधित पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके CBI की जांच में खामियां बताई हैं और इस मामले की जांच दोबारा करवाने की मांग की है।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी हर अपडेट पाने के लिए यहां क्लिक कर डाउनलोड करें News 4 Himalayans का मोबाइल एप 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ