न्यायधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ के समक्ष मामले पर सुनवाई हुई, जिसमें न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने सुनवाई वाले बैंच से खुद को अलग कर लिया है।
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गौरतलब है कि हाल ही में 28 अप्रैल को इस बहुचर्चित केस में शिमला जिला अदालत में विशेष न्यायाधीश राजीव भारद्वाज की अदालत ने ने 28 वर्षीय अनिल कुमार उर्फ नीलू उर्फ चरानी नामक युवक को दोषी करार दिया है।
धारा 372 (2) (I) और 376 (A) के तहत बलात्कार का दोषी माना। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उसे हत्या और धारा 4 में दमनकारी यौन हमला करने की सजा का पात्र माना।
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पीड़िता नाबालिग थी, इसलिए POCSO के तहत भी दोषी माना। सजा का ऐलान करने के लिए कोर्ट ने 11 मई की तारीख दी है। इसी बीच संबंधित पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके CBI की जांच में खामियां बताई हैं और इस मामले की जांच दोबारा करवाने की मांग की है।
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