हिमाचल: DC ने निलंबित किया पंचायत प्रधान, भंडारे में शामिल होना पड़ा भारी

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हिमाचल: DC ने निलंबित किया पंचायत प्रधान, भंडारे में शामिल होना पड़ा भारी

सोलन। अपनी पंचायत क्षेत्र के मंदिर में आयोजित भंडारे में शामिल होना पंचायत प्रधान को भारी पड़ गया। कोरोना कर्फ्यू में भंडारों पर रोक के बावजूद भी भंडारे का आयोजन में बतौर जनप्रतिनिधि उसमें शामिल होने पर निलंबित किया गया है। 

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उपायुक्त सोलन केसी चमन ने सरकारी आदेशों की अवहेलना करने एवं अपने कर्तव्यों के निवर्हन में कोताही बरतने पर हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 145 (1) (ग) व हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (सामान्य) नियम 1997 के नियम 142 (1) में निहित प्रावधानों के अनुसार विकास खंड नालागढ़ की ग्राम पंचायत मस्तानपुरा के प्रधान छोटू राम को प्रधान ग्राम पंचायत के पद से तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। 

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इस संबंध में जारी आदेशों के अनुसार एसडीएम नालागढ़ से प्रधान छोटू राम के विरूद्ध कोविड-19 कर्फ्यू के दौरान सरकारी आदेशों की अवहेलना करने के संबंध में जांच रिपोर्ट उपायुक्त सोलन को मिली थी। इस रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत मस्तानपुरा के नंबरदार दाताराम द्वारा कोविड-19 कफ्र्यू की अवहेलना करते हुए 13 मई को नगर खेड़ा मंदिर मस्तानपुरा में भंडारे का आयोजन किया था। 

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भंडारे में ग्राम पंचायत मस्तानपुरा के प्रधान छोटू राम सहित लगभग 50-60 लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के आयोजन के बाद ग्राम मस्तानपुरा में कोविड-19 व डायरिया के कई मामले पाए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि ग्राम पंचायत मस्तानपुरा के प्रधान ने अपने अधिकार क्षेत्र में और अपनी उपस्थिति में इस कार्यक्रम के आयोजन में सरकार द्वारा कोविड-19 की रोकथाम के लिए जारी आदेशों, महामारी एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जिला प्रशासन द्वारा 23 अप्रैल व छह मई को जारी आदेशों की अवहेलना की है।

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एसडीएम नालागढ़ के आदेश से बीडीओ नालागढ़ द्वारा ग्राम पंचायत मस्तानपुरा के प्रधान को सुनवाई का पूर्ण अवसर देते हुए अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। 19 मई को ग्राम पंचायत मस्तानपुरा के प्रधान से प्राप्त स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं पाया गया, क्योंकि उन्होंने अपने स्पष्टीकरण में भंडारे के आयोजन के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की। 

जबकि उपमंडलाधिकारी की मौका रिपोर्ट व स्थानीय निवासी धर्मचंद पुत्र दाताराम नंबरदार के लिखित बयान में ग्राम पंचायत प्रधान के इस कार्यक्रम में उपस्थित होने की पुष्टि हुई है। आदेशों के अनुसार उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत ग्राम पंचायत मस्तानपुरा के प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

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20 मई को इस नोटिस के संबंध में प्राप्त उत्तर को तथ्यों पर आधारित एवं संतोषजनक नहीं पाया गया। इससे स्पष्ट हुआ है कि पंचायत प्रधान ने अपने कर्तव्यों के निवर्हन में कोताही बरती, क्योंकि सोलन जिला में सभी पंचायत प्रधानों व जनप्रतिनिधियों को समय-समय पर सरकार के दिशा-निर्देशानुसार कार्य करने के आदेश दिए गए हैं और सभी ग्राम पंचायत प्रधान एवं अन्य सदस्य इसकी अनुपालना के लिए बाध्य हैं।

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आदेशों में सूचित किया गया है कि एसडीएम नालागढ़ की 20 मई की रिपोर्ट के अनुसार भंडारे में शामिल हुए 45 लोगों में से प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच के बाद तीन कोरोना संक्रमित पाए गए। इससे साफ होता है कि भंडारा आयोजन के कारण गांवों में संक्रमण फैला व इस कारण पूरे गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित करना पड़ा।

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