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बता दें कि मां छिन्नमस्तिका जयंती के इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। फूलों की सजावट मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगा रही है। लेकिन इस बार माता की जयंती दरबार में बिना भक्तों के ही मनाई जा रही है। ये फैसला कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को मद्देनजर रखते हुए लिया गया है।
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गौरतलब है कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में लगे कोविड कर्फ्यू के कारण मां छिन्नमस्तिका की जयंती आज सादे ढंग से ही मनाई जाएगी। इसी बीच जो दिशा-निर्देश उपायुक्त ऊना जारी किए हैं उनका सख्ती से पालन किया जाएगा। इस पावन अवसर पर आज पुजारी परिवार के सदस्य ही मां चिंतपूर्णी की पूजा अर्चना करेंगे। साथ ही कोरोना वैश्विक महामारी के विनाश के लिए मां के आगे प्रार्थना भी करेंगे।
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