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इस सब के बीच सूबे के कुछ कोचिंग संस्थान थोड़े से पैसों के लिए छात्रों की जान जोखिम में डालकर इस महामारी के दौर में अपना धंधा सुचारू रूप से चला रहे हैं। वहीं, इस महामारी में ये छात्र भी पढ़ाई कर मिर्जापुर वाले मुन्ना भईया की बात मानकर IAS-YAS बनने चल दिए हैं।
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इसी कड़ी में ताजा मामला प्रदेश का कोरोना हब बने हुए कांगड़ा जिले के पालमपुर से सामने आया है। जहां पर मनाही के बावजूद एक कोचिंग सेंटर को नियम तोड़ना महंगा पड़ा है। पुलिस ने कोचिंग सेंटर से संचालक को पांच हजार रूपए का जुर्माना लगाया है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि पालमपुर में एक कोचिंग सेंटर कोरोना कर्फ्यू के बीच चल रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी तो कोचिंग सेंटर में 21 छात्र मौजूद पाए गए। हालांकि, उनके ठहरने का प्रबंध कोचिंग सेंटर में ही था।
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पालमपुर में इस कोचिंग सेंटर के संचालकों द्वारा सरकार के दिशा-निर्देशों की अवहेलना की जा रही थी। जिस पर पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक पर नियमानुसार कार्रवाई की है व उसे 5,000 जुर्माना किया गया है। एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने कहा कि सरकार के बनाए हुए सभी नियमों का पालन करें।
कोई व्यक्ति नियम ना तोड़ा नहीं तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए सभी का सहयोग जरूरी था।
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