अनपढ़ों जैसे ना लें फैसले, धारा 144 लागू करना कैबिनेट का अधिकार नहीं- सिंघा ने कहा कड़वा सच

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अनपढ़ों जैसे ना लें फैसले, धारा 144 लागू करना कैबिनेट का अधिकार नहीं- सिंघा ने कहा कड़वा सच

शिमला। हिमाचल प्रदेश में बीते कल आयोजित हुई सर्वदलीय बैठक के बाद कैबिनेट की बैठक का आयोजन किया गया। इस कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार ने सूबे में कोविड चेन तोड़ने के लिए 16 मई तक के लिए धारा 144 करने के साथ ही साथ कोरोना कर्फ्यू का ऐलान किया। अब सरकार के इस फैसले पर सुबह सीएम जयराम ठाकुर के साथ सर्वदलीय बैठक में मौजूद रहे माकपा विधायक ने जयराम सरकार के खिलाफ करारा हमला बोला है। 

धारा 144 मजिस्ट्रेट लागू करता है

सिंघा ने नियमों का पाठ पढ़ाते हुए सीएम जयराम सरकार के धारा 144 लागू करने वाले फैसले पर कड़वा लेकिन सही बयान देकर सरकार को बुरी तरह से घेर लिया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिंघा ने कहा कि धारा 144 क्रिमिनल प्रोसीजर कोर्ट का है। यह कैबिनेट का अधिकार नहीं है। 

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उन्होंने कहा कि सरकार का मतलब मंत्रिमंडल और उच्चतम स्तर के ऑफिसर की मदद के आधार पर कैबिनेट चलती है। एक ऐसा फैसला लेगा कैबिनेट जो कैबिनेट का अधिकार नहीं है। धारा 144 मजिस्ट्रेट लागू करता है। इसलिए ऐसा कोई फैसला मत लो जिससे यह दर्शाया जा सके कि कैबिनेट अनपढ़ों का है। ऐसा संदेश में जनता में नहीं जाना चाहिए।

डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन को सख्ती से अमल करो

सिंघा ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि  सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन ऐसी बातें उसमें नहीं रखी गई। हालांकि, निर्णय सरकार लेती है। बैठक में अपने राय दी की डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन को सख्ती से अमल करो। जिस कंटेनमेंट जोन में दस फीसदी पॉजिटिव मामले आ जाए या 60 फीसदी बेड क्षमता पूरी हो जाए, वहां पर सख्ती करनी है। आप जिम्मेदारी आपको कार्य करना है उन कार्यों को नहीं कर रहे हैं। इस तरह की काल्पिनिक बातें कर रहे हैं। 

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माकपा विधायक ने आगे कहा कि कर्फ्यू या लॉकडाउन लगाने से पहले प्रभावित लोगों को स्पोटर सिस्टम देना होगा। लॉकडाउन के कारण जो रोजगार से वंचित होंगे उन्हें मदद करनी होगी। मदद चाहे राशन के रूप में हो या फिर खातों में पैसा डाला जाए। 

उन्होंने कहा कि इंसान जिंदा रहने के लिए कोई भी कार्य करने के लिए तैयार हो जाता है। वह लॉकडाउन की परवाह भी नहीं करता है। हालात उसे मजबूर करते हैं। ऐसे में सरकार को प्रभावित लोगों की तरफ ध्यान देना होगा। 

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