वहीं, दूसरी तरफ प्रदेश के ऊना जिले से सामने आए ताजा मामले के अनुसार यहां प्रशासन द्वारा कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को सैनेटाइजेशन करने से रोक दिया जा रहा है।
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बतौर रिपोर्ट्स, जिला मुख्यालय पर सैनिटाइजेशन के लिए मैदान में उतरे युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को एसडीएम द्वारा रोके जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोके जाने पर ऊना सदर के कांग्रेसी विधायक सतपाल सिंह रायजादा भड़क उठे हैं।
सैनिटाइजेशन करना कोई जुर्म नहीं है
विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने आरोप जड़ा है कि जिला प्रशासन सत्ता पक्ष के इशारों पर काम करते हुए महामारी के इस काल में भी ओछे हथकंडे अपना रहा है।
महामारी के इस दौर में सेवा भाव को भी राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। जब कई दिनों से भाजपा और उसके अन्य मोर्चो के कार्यकर्ता जगह-जगह सैनिटाइजेशन कर रहे हैं तो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सैनिटाइजेशन करने पर प्रशासन को आपत्ति क्यों है?
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एसडीएम ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बिना परमिशन सैनिटाइजेशन करने से रोका और उन्हें भीड़ जुटाने पर मामला दर्ज करने की भी चेतावनी दे डाली। इसी पर उग्र हुए कांग्रेसी विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने कहा कि जो बीजेपी के कार्यकर्ता सैनिटाइजेशन कर रहे हैं तो प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा।
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विधायक रायजादा ने कहा कि प्रशासन का यह रवैया किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन को केस दर्ज करने का इतना ही शौक है तो सबसे पहला केस उनके खिलाफ दर्ज किया जाए। कांग्रेस के कार्यकर्ता सैनिटाइजेशन कर रहे हैं और महामारी से लोगों को बचाने के लिए सैनिटाइजेशन करना कोई जुर्म नहीं है।
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