गांव में फैली बीमारी का पूरा हिसाब सरकार के पास नहीं आ रहा। मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। कांगड़ा सबसे अधिक पीड़ित है अभी यह हाल है तो तीसरी लहर के आने पर क्या होगा। सरकार और जनता को गहराई से विचार करना चाहिए और कठोर निर्णय करने चाहिए।
यह भी पढ़ें: हिमाचल को जाने वाले पेट्रोलियम पदार्थों पर डाका, पाइपलाइन में वॉल्व लगाकर हजारों लीटर डीजल चोरी!
बकौल शांता कुमार, इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का सबसे बड़ा कारण सरकार और जनता की लापरवाही है। एक तरफ रोज लोग मर रहे हैं। दूसरी तरफ धामें और भंडारे हो रहे हैं। यह वो है जो पकड़े जा रहे हैं। प्रदेश के हजारों गांव में कहां किस प्रकार नियमों की धज्जियां उठाई जा रही है इसका पूरा हिसाब कहीं नहीं मिल रहा है।
शांता कुमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ओर प्रदेश के सभी जिम्मेवार नेताओं से निवेदन किया है कि भारत सदा से एक महारोग से पीड़ित रहा है।
यह भी पढ़ें: IGMC तक पहुंच गया ब्लैक फंगस! महिला में मिले लक्षण, अब इन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि यह रोग है नियम न निभाना, कर्तव्य का ईमानदारी से पालन न करना। इसी कारण 72 साल की आजादी के बाद भी हम गरीबी और बेरोजगारी से सिसक रहे हैं।
देश के 75 प्रतिशत लोग ईमानदारी से कर्तव्य पालन करते है, लेकिन 25 प्रतिशत लोग पूरे देश के किए-कराये को समाप्त कर देते है। यही आज हो रहा है। उन्होंने कहा यदि शुरू से सभी नियमों का शत- प्रतिशत पालन किया होता तो आज इस प्रकार सैंकड़ों घरों में मातम न दिखाई देता।
यह भी पढ़ें: हिमाचली युवक हुआ ताउते तूफान में लापता: मर्चेंट नेवी में करता है जॉब, घर पर पसरा मातम
इसी के साथ शांता कुमार ने सरकार से आग्रह किया है कि सख्ती और बढ़ाये। किसी प्रकार का कोई समागम कहीं पर न हो। सभी सरकारी कार्यक्रम वर्चुअल हों।
नियम तोड़ने वाले और इस संकट में भी भ्रष्टाचार करने वालों को ऐसे कानून में गिरफ्तार किया जाए। जिसमें कम से कम छह महीने तक कोई जमानत न हो सके। नियम निभाने का यह काम ऊपर से मंत्रियों से शुरू किया जाए। यदि ऐसा न किया तो तीसरी लहर आने के बाद क्या होगा - सोच कर ही डर लगता है।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी हर अपडेट पाने के लिए यहां क्लिक कर डाउनलोड करें News 4 Himalayans का मोबाइल एप




0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks