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दरअसल, खबर मिली है कि जहां एक तरफ हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों का रिजल्ट तैयार करने के लिए अंक वितरण संबंधी फार्मूला तैयार किया जा रहा है। वहीं, रिपोर्ट यह मिली है कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड दसवीं परीक्षा परिणाम अंकों से असंतुष्ट विद्यार्थियों को परिणाम सुधारने के लिए मौका देगा।
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बोर्ड इस पर रुपरेखा तैयार कर रहा है। बोर्ड की मानें तो न्यायप्रिय, पारदर्शी, विश्वसनीय फार्मुला बनाएंगे जिसकी जल्द ही नोटिफिकेशन जारी होगी। अभी फार्मुले पर बातचीत जारी है।
इस बारे में जानकारी देते हुए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि कुछ प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थियों ने फर्स्ट टर्म या सेकेंड टर्म की परीक्षाओं में भाग नहीं लिया है तो उनके लिए अलग से मानदंड बनाए जाएंगे।
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सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्री-बोर्ड और फर्स्ट व सेकेंड टर्म की परीक्षाओं में भाग लिया है तो अंक देने में उनके लिए क्या अलग से मानदंड बनेगा, इस पर विचार किया जा रहा है।
सोनी ने कहा कि परर्फोमेंस के आधार पर जो विद्यार्थी क्वालीफाई कर रहे हैं वह तो ठीक हैं। जो विद्यार्थी पास नहीं हो पाएंगे तो उन्हें एशिशिंयल रिपीट में रखने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन वह प्रमोट कर दिए जाएंगे।
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