हिमाचल पार करने वाला है 4250 km की पैदल यात्रा पर निकला युवक; गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है टारगेट

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हिमाचल पार करने वाला है 4250 km की पैदल यात्रा पर निकला युवक; गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है टारगेट

मंडी। "मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है। सिर्फ पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।" इन पंक्तियों से अगर अवधेश को आपसे रुबरु करवाया जाए तो कोई गलत बात नहीं होगी। इनका कारनामा कुछ ऐसा ही है। जनाब ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए लद्दाख से कन्याकुमारी तक 4250 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा तय करने की ठान ली है। इतना ही नहीं यह युवक अटल टनल को पैदल पार करने वाला एक मात्र ट्रैकर है।

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इसके साथ ही लद्दाख से मनाली के रास्ते में आने वाले 5 पास को पैदल पार करने वाला भी ये पहला इंसान है। लद्दाख में दुनिया के सबसे ऊंचे पास खारदुंगला पास, दुनिया का दूसरे सबसे ऊंचे तंगलंग ला पास, लचुंगला पास, नकीला पास और हिमाचल प्रदेश का बारालाचा पास को इन्होंने पैदल ही पार कर लिया है। अपको बता दें कि लंबी पैदल यात्रा पर निकले अवधेश शर्मा उत्तर प्रदेश के कोसीकलां (मथुरा) गांव (ब्राह्मण पुरी) निवासी हैं। 

अभी तक का सफर ! 

लद्दाख के आखिरी गांव थांग से पैदल यात्रा शुरु करने के बाद अब तक करीब 750 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर ली है। अवधेश आज कुल्लू होते हुए मंडी पहुंच गए हैं। बातचीत के दौरान अवधेश ने बताया कि वह करीब 15 दिनों में कोसी पहुंच जाएंगे उनकी यह यात्रा करीब पांच महीने में पूरी होगी। 

15 दिन की कठिन चढ़ाई के बाद जैसे ही अवधेश का मोबाइल एक्टीवेट हुआ तो उसने पहली कॉल अपने माता-पिता को की। फोन पर अवधेश की आवाज सुन मां ललिता भावुक हो उठीं।

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हिंदू इंटर कॉलेज के प्रबंधक हरीओम गुप्ता ने अवधेश के कदम को सहासपूर्ण बताते हुए कहा कि जनपद में किसी युवा ने ऐसी यात्रा करने के बारे में कदम उठाया है। नगरवासियों को युवक का हौसला बढ़ाना चाहिए। साथ ही सरकार को भी युवक के अद्भुत कार्य पर इसकी सराहना करनी चाहिए।

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