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परिजनों ने संक्रमित की मौत का ठीकरा आईजीएमसी पर फोड़ते हुए आरोप लगाया है कि लापरवाही और ऑक्सीजन सिलेंडर समय पर ना मिलने से मौत हुई है। इसके साथ ही मृतक के परिजनों ने कोविड वार्ड में तैनात मेडिकल स्टाफ पर दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया है।
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मृतक राज कुमार की पत्नी ने इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि मरीज की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन स्टाफ कहता रहा कि वह ठीक हैं। मरे हुए व्यक्ति को ऑक्सीजन दी गई और वेंटिलेटर पर डाला गया।
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वहीं, इस पूरे मसले को लेकर आईजीएमसी के डिप्टी एमएस डॉ राहुल गुप्ता का कहना है कि जब मरीज को रेफर करके यहां लाया गया था तो उनके परिजनों से सारी स्थिति स्पष्ट कर दी थी। मरीज के फेफड़ों के 90 फीसदी सेल खत्म हो चुके थे। दवाई और ऑक्सीजन के लिए जो रिस्पांस बॉडी से मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा था।
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उन्होंने आगे कहा कि ऑक्सीजन की कमी के आरोप निराधार हैं। मरीज को 20 से 25 लीटर प्रति मिनट सेंटर सप्लाई से ऑक्सीजन दी जा रही थी। बकौल डॉ राहुल गुप्ता, अगर परिजनों को लगता है कि लापरवाही हुई तो वह एमएस को लिखित शिकायत दे सकते हैं। इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। वहीं, जांच में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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