CM जयराम की खरी-खरी: मंत्री-विधायक संयम में रहकर करें बयानबाजी; खुद शांत किया विवाद

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CM जयराम की खरी-खरी: मंत्री-विधायक संयम में रहकर करें बयानबाजी; खुद शांत किया विवाद


शिमला/मंडी।
हिमाचल प्रदेश सरकार में जल शक्ति मंत्री का जिम्मा संभाल रहे महेंद्र सिंह ठाकुर का एक बयान बीते कुछ दिनों से राजनीतिक माहौल में गर्मी पैदा कर रहा था। इस सब के बीच आज मंत्री द्वारा यह कहकर अपना बयान वापस ले लिया कि उन्होंने यह बात मजाकिया ढंग से कही थी और उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। वहीं, अब इस पूरे मसले को लेकर सीएम जयराम ठाकुर का भी अब एक बड़ा बयान सामने आया है। 

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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंत्रियों और विधायकों को चेताया कि कर्मचारियों के खिलाफ गलत बयानबाजी न करें और संयम रखें। मंत्री की बयानबाजी से नाराज शिक्षक संघों को मनाने के लिए सीएम जयराम ठाकुर को खुद मोर्चा संभालना पड़ा है। जल शक्ति मंत्री के बयान के बाद सरकार को होने वाले डैमेज कंट्रोल पर ब्रेक लगाने के लिए मंडी प्रवास के दौरान मंगलवार देर शाम को परिधि गृह मंडी में मुख्यमंत्री ने जल शक्ति मंत्री द्वारा शिक्षकों को लेकर की गई टिप्पणी पर मध्यस्तता करते हुए शिक्षक संगठनों के साथ मंडी में बैठक की। 

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मुख्यमंत्री ने सीएंडवी संघ के अध्यक्ष चमनलाल ठाकुर, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष हेमराज ठाकुर, स्कूल प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर, हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष नरेश महाजन सहित इन संगठनों के अलावा जिला मंडी के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों से इस मामले पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार और वह शिक्षकों का सम्मान करते हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार और वह शिक्षकों का सम्मान करते हैं। 

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उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता है और कोरोना काल में शिक्षकों ने हर घर पाठशाला कार्यक्रम चला कर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी और उसके साथ ही कोरोना के समय हर क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान की है।  बैठक के बाद शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि जल शक्ति मंत्री द्वारा शिक्षकों के खिलाफ कहे गए अपने शब्दों को वापस लेने और मुख्यमंत्री द्वारा इसमें मध्यस्तता करने पर अपना विरोध समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक संघों को विश्वास दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं दोहराई जाएंगी।

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