हिमाचल: जहरीले परजीवी का दंश नहीं झेल पाया 30 वर्षीय वनरक्षक, पीछे रह गई 1 साल की बेटी

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

हिमाचल: जहरीले परजीवी का दंश नहीं झेल पाया 30 वर्षीय वनरक्षक, पीछे रह गई 1 साल की बेटी


सिरमौर।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक बेहद ही बुरी खबर सामने आ रही है। यहां स्थित कालाअंब-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे के किनारे स्थित कोलर गांव में किसी जहरीले परजीवी के काटने से 30 साल के वनरक्षक वीरेंद्र पुत्र ओम प्रकाश का दुखद निधन हो गया है। वहीं, इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमोर्टम के लिए भेज दिया है। 

यह भी पढ़ें: अगले महीने ही आने वाली है कोरोना की तीसरी लहर: सितंबर में नजर आएगा चरम- रिपोर्ट में दावा

स्थानीय सूत्रों द्वारा इस मामले के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि वनरक्षक बीती देर शाम घर से अपने एक दोस्त के साथ टहलने निकला था। इस दौरान उसने अपने दोस्त को किसी परजीवी के काटने की बात कही। सब कुछ सामान्य रहा। घर लौटने के बाद खाना खाकर सो गया। आधी रात को तबीयत बिगड़ने पर उसे शहर के निजी अस्पताल उपचार के लिए लाया गया। सुबह 7 बजे के आसपास वनरक्षक ने अंतिम सांस ली।

यह भी पढ़ें: हिमाचल: उफान मार रही सतलुज में कूद गया युवक- जारी है तलाश पर..

पुलिस को भी ये मानना थोड़ा मुश्किल हो रहा है कि कैसे एक परजीवी के काटने से चंद घंटों में ही किसी की मौत हो सकती है। मृतक वनरक्षक के पिता ओम प्रकाश भारतीय सेना से सूबेदार के पद से रिटायर हुए थे। मृतक वनरक्षक की पत्नी नाहन मेडिकल कॉलेज में जीएनएम के पद पर तैनात है। वहीं, मृतक अपने पीछे एक साल की बच्ची को भी छोड़ गया है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ