मंडीः हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग उपमंडल से एक बुरी खबर सामने आ रही है। जहां उपमंडल स्थित शाहोट ग्राम पंचायत में बिना फेंसिंग सुरक्षा वाले तालाब में डूबने से एक 12 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह बच्चा अपने घर का इकलौत चिराग था. वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घटना के संबंध में मामला दर्ज कर आगामी जांच अमल में लाई जा रही है।
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मृतक की पहचान 12 वर्षीय नमन पुत्र चिरंजी लाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक किशोर के पिता मनरेगा में दिहाड़ी मजदूरी का काम करते हैं। जब वे देर शाम काम करके घर लौटे तो उन्होंने देखा की उनका पुत्र घर पर नहीं है। जिसके बाद वे अपने पुत्र को ढूंढने के लिए निकले। इस बीच उन्हें नमन के तालाब में डूबने की खबर मिली तो नमन के पिता व स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। नमन की सांसें टूट चुकी थीं।
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इस बीच ग्रामीणों ने नमन की मौत पर काफी रोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में इतने गहरे तालाब का निर्माण वन विभाग की एक योजना के तहत किया गया है। लेकिन इसके बावजूद तालाब के आसपास कोई फेंसिंग नहीं की गई। यदि फेंसिंग की गई होती तो नमन के साथ ये दुर्धटना नहीं घटित होती और आज वे जिंदा होता।
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इस मामले पर वन खंड अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस तालाब का निर्माण मवेशियों के पीने के पानी के लिए बनाया गया है। इसलिए तालाब में फेंसिंग नहीं की गई है। स्थानीय विधायक और प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को फौरी राहत के तौर पर 20000 रूपए की राशी दी गई है।




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