शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कोरोना के बीच सेवाएं देने वाले मास्टरों की खिल्ली उड़ाई है। जल शक्ति मंत्री ने शनिवार को बंजार में हुई जनसभा के दौरान कहा कि जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों ने काम किया। अन्यों ने तो मजे ही किए।
इस दौरान मास्टरों ने बहुत ही ज्यादा मजे किए। फिर फ्रंटलाइन वर्कर बन गए कि उनको सबसे पहले वैक्सीन लगाई जाए। पता नहीं उन्होंने क्या काम किया यह तो ईश्वर ही जानता है।
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अब मंत्री के इस बयान का वीडियो वायरल हो रहा है। वहीं, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। शिक्षकों ने मांग की है कि अपनी टिप्पणी पर मंत्री मांगी मांगें, नहीं तो शिक्षक वर्ग आंदोलन करने के भी गुरेज नहीं करेगा। संघ ने हैरानी जाहिर की कि ऐसे व्यक्ति मंत्रिमंडल में हैं, जिनको अध्यापकों का सम्मान ही नहीं करना आता।
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शिक्षक संघ द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है कि ऐसे वरिष्ठ नेता को कुछ भी बोलने से पहले सौ बार सोचना चाहिए। आप मंत्री हैं तो आपको यह अधिकार नहीं मिल जाता कि आप मंच पर चढ़कर जो जी चाहे बोलते रहो। इस संबंध में राजकीय प्राथमिक संघ कुल्लू के अध्यक्ष इंद्र ठाकुर ने कहा कि मंत्री की ऐसी बयानबाजी से कोरोना के बीच सेवाएं देने वाले शिक्षकों का मनोबल टूटा है।
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उन्होंने कहा कि अगर मास्टरों की मौजें मंत्री महोदय देखना चाहते थे, तो ऊना आते और देखते कि मास्टर दिन रात बैरियर पर कोरोना टेस्टिंग में बिना किसी छुट्टी के ड्यूटी देते रहे। इसके अलावा शिक्षकों ने लाखों रुपए इक्क्ठे करके मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजे। क्वारंटाइन केंद्रों पर दिन रात ड्यूटी दी। इसके साथ ही ऑनलाइन काम बच्चों को भेजा, ऑनलाइन क्लासें भी लगाई और मंत्री महोदय यह कहते हैं कि मास्टरों की मौजें रही।




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