शिमला। हिमाचल प्रदेश के पडोसी राज्य पंजाब की सरकार ने अपने सूबे के कर्मचारियों के लिए नए वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए आज इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है। गौरतलब है कि इसकी घोषणा पंजाब सरकार ने पहले की थी, जिसको लेकर अब अधिसूचना जारी कर दी गई है। वहीं, पंजाब सरकार के इस नोटिफिकेशन के बाद हिमाचल सचिवालय में भी इस मसले को लेकर हलचल बढ़ गई है।
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पंजाब सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना की कॉपी मिलने के तुरंत बाद ही मुख्य सचिव अनिल खाची ने अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना को इसका अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही इन नियमों के अध्ययन हेतु सक्सेना ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों की एक कमेटी बना दी है, जिसकी अध्यक्षता वह स्वयं कर रहे हैं। बता दें कि पंजाब सरकार की ओर से अधिसूचित किए गए नियमों के तहत वहां के कर्मचारियों को इसका लाभ एक जनवरी 2016 से दिया जाएगा।
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जिसका सीधा सा मतलब ये हुआ कि पंजाब सरकार अपना पिछला एरियर भी देने जा रही है। जिसे सालाना आधार पर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में यह नया पे कमीशन लागू होने के साथ ही करीब सवा दो लाख नियमित कर्मचारियों और पौने दो लाख पेंशनरों को इसका लाभ मिलने जा रहा है।
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वहीं, एरियर देने की बात करें तो राज्य सरकार पर इससे करीब 9 से 10 हजार करोड़ रूपए तक का बोझ पड़ेगा। ऐसे में खराब चल रही सूबे की माली हालत के बीच यह लाभ कैसे दिया जाएगा, यह राज्य सरकार के लिए बड़ी पहेली है। गौरतलब है कि हिमाचल के कर्मचारियों को भी नए वेतनमान का बेसब्री से इंतजार है।
बता दें कि हिमाचल में भी अगर पंजाब पे कमीशन जस का तस लागू कर दिया जाता है, तो राज्य सरकार की कई कर्मचारी श्रेणियों को इसमें नुकसान होना तय है, जिसमें डाक्टर, शिक्षक, सचिवालय कर्मचारी प्रमुख हैं। इन वर्गों द्वारा नए पे कमीशन का लगातार विरोध भी जताया जा रहा है।




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