हिमाचल में रिपोर्ट किए गए डेल्टा प्लस वैरिएंट से बचा सकती है ये वैक्सीन, कंपनी ने ठोंका दावा

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

हिमाचल में रिपोर्ट किए गए डेल्टा प्लस वैरिएंट से बचा सकती है ये वैक्सीन, कंपनी ने ठोंका दावा


शिमलाः
हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के मामलों में काफी गिरावट देखने को मिली है। लेकिन इसके बावजूद बीते कल पूरे प्रदेश का पहला डेल्टा प्लस वैरियंट का मामला कांगड़ा जिले में दर्ज किया गया है। जानकारियों की मानें तो कोरोना का डेल्टा प्लस वैरियंट पहले से मौजूदा वैरियंट से ज्यादा खतरनाक है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल: सालों से दर्द से जूझ रही थी महिला, ओवरी से निकाला गया 5 किलो का ट्यूमर

बता दें कि कुछ दिन पहले प्रदेश के ऊना जिले से लगते पंजाब राज्य में भी डेल्टा प्लस वैरिएंट के केस दर्ज किए गए थे। बावजूद इसके प्रदेश में पर्यटकों की आवाजाही काफी देखने को मिली है। वहीं, अब प्रदेश में भी डेल्टा वैरियंट के केस का दर्ज होना कहीं ना कहीं प्रशासन कि चिंता को बढ़ाता है। इस बीच सामने आ रही ताजा अपडेट कि मानें तो अमेरिकी फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा यह दावा किया गया है कि उनके द्वारा बनाई गई वैक्सीन कोविड-19 के डेल्टा प्लस के साथ-साथ और भी कई वैरियंट के खिलाफ काफी असरदार है। कंपनी ने बताया कि उनके द्वारा निर्मित सिंगल डोज कोविड-19 रोधी टीका 85% ज्यादा कारगर सिद्ध हुआ है। 

यह भी पढ़ें: हिमाचली ड्राइवर के गुनाह: पहले सिग्नल तोड़ा- फिर टक्कर मारकर ले ली जान

इतना ही नहीं कंपनी का दावा है कि इस डोज ने लोगों को अस्पताल में भर्ती होने के साथ-साथ उनकी मौत होने से बचाया है। कंपनी ने कहा कि टीका लगाने वाले 8 लोगों के ब्लड सैंपल्स से यह बात सामने आई है कि वैक्सीन डेल्टा प्लस समेत सभी तरह के वेरिएंट्स के खिलाफ असरदार है। J&J के चीफ साइंटिफिक ऑफिसर पॉल स्टॉफल्स ने जानकारी साझा करते हुए बताया, 'आज जिस स्टडी का ऐलान हुआ है, उसके मुताबिक जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन, दुनिया भर के लोगों की जान बचाने में मददगार है'।

यह भी पढ़ें: हिमाचल: 12वीं पास के लिए निकली है 35 हजार सैलरी वाली नौकरी; आज है आवेदन की लास्ट डेट

इतना ही नहीं कंपनी द्वारा दावा किया गया कि वैक्सीन की पहली डोज ने 29 दिनों के भीतर ही डेल्टा वेरिएंट को बेअसर किया है। कंपनी ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील सहित वैश्विक स्तर पर वैक्सीन का असर एक जैसा था। स्टडी के दौरान इन क्षेत्रों में बीटा और जीटा वैरिएंट्स के मामले अधिक पाए जा रहे थे। J&J के एक और अधिकारी जोहान वान हूफ ने कहा  'हम बेहद खुश हैं। हम इस बात को लेकर आश्वस्त है कि इस वैक्सीन नें बूस्टर डोज की कोई जरूरत नहीं है और यह सभी वैरिएंट्स पर असरदार है'। इसके साथ ही हूफ ने कहा कि कंपनी का मानना है कि जिन लोगों को इसका टीका दिया गया है, उन्हें एक साल के भीतर बूस्टर डोज की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो भी हमें नहीं लगता की फार्मूलेशन बदलना पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: हिमाचल सरकार का विभागों को सख्त आदेश: अगर 7 जुलाई तक नहीं किया ऐसा तो नहीं मिलेगा बजट

बतौर रिपोर्टस भारत सरकार भी जॉनसन एंड जॉनसन से टीके के मुद्दे पर बात कर रही है। हाल ही में  जॉनसन एंड जॉनसन की भारतीय इकाई के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा था, 'डीसीजीआई की हालिया घोषणा के मुताबिक, अब भारत में कोरोना-रोधी टीकों के क्लीनिकल स्टडीज को पूरा करने की कोई जरूरत नहीं है। हम भारत सरकार के साथ चर्चा कर रहे हैं और यह पता लगा रहे हैं कि भारत में अपनी सिंगल डोज वैक्सीन देने की हमारी क्षमता को कैसे बढ़ाया जाए'।

जानें  जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के फायदे -

सिंगल डोज है 85% ज्यादा कारगर,

29 दिनों के भीतर ही डेल्टा वेरिएंट को बेअसर,

डेल्टा प्लस, बीटा और जीटा वैरिएंट्स पर है असरदार,

एक साल के भीतर बूस्टर डोज की जरूरत नहीं,

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ