शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष की गैर मौजूदगी में पूर्व मंत्री एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने बिजली की दरों में सबसिडी कम करने का सवाल उठाया। जवाब में ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भारत का ऐसा पहला प्रदेश है, जहां सबसे ज्यादा सस्ती बिजली मिल रही है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली के घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 21,51,303 हैं। बिजली की दरें राज्य विद्युत नियामक आयोग तय करता है। आयोग ने वित्त वर्ष 2019-20 में टैरिफ आर्डर में घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में पांच पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की।
इसके बाद से अब तक घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके तहत 60 यूनिट तक बिजली का इस्तेमाल करने पर सरकार दो रुपये 30 पैसे प्रति यूनिट सबसिडी प्रदान करती है।
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मंत्री ने कहा कि सबसिडी बढ़ाने का फिलहाल सरकार को कोई विचार नहीं है। धवाला ने सुझाव दिया था कि बिजली की दरें बढ़ाते वक्त पंचायत के प्रधानों को भी विश्वास में लिया जाए। इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि हालांकि दरें आयोग बढ़ाता है, लेकिन सरकार कोशिश करेगी कि इसमें जन प्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए।




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