हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद ही हैरान करने वाली खबर सामने आई है। जहां जिले के सुजानपुर उपमंडल के अंतर्गत आती ग्राम पंचायत दाड़ला के भलेठ गांव में एक जेबीटी टीचर ने लोहे और लकड़ी के औजार से नौ फीट लम्बे रॅाक पाइथन अजगर को रेस्क्यू किया। हालांकि रेस्क्यू करने के बाद उन्होंने अजगर को जंगल में छोड़ दिया है।
बेटी के साथ सांप पकड़ने आया सपेरा:
मिली जानकारी के मुताबिक यह अजगर पंचायत के वार्ड नंबर पांच में एक परिवार द्वारा रखी गई लकडियों के पीछे छिपा हुआ था। परिजनों ने इस बात की जानकारी पंचायत के सदस्यों को दी। जिसके बाद पंचायत उपप्रधान जगन कटोच ने क्षेत्र में सांप पकड़ने में माहिर माथुर धीमान को इस बात की सूचना दी।
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जानकारी मिलने के बाद माथुर धीमान अपनी बेटी के साथ सांप पकड़ने वाले उपकरणों को लेकर मौके पर पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने अजगर को रेस्क्यू किया।
चार साल पहले जागा था शौक, खुद बनाकर औजार शुरू किया रेस्क्यू काम:
बता दें कि माथुर धीमान आलमपुर के रहने वाले हैं। वे इस वक्त कांगड़ा जिले के उपमंडल जयसिंहपुर के गांव लाहडू में बतौर जेबीटी शिक्षक के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। इतना ही नहीं वे राष्ट्र स्तरीय खिलाड़ी भी रह चुके हैं।
उन्हें स्थानीय पंचायतों के अलावा क्षेत्र के विधायक भी सम्मानित कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि चार साल पहले उन्हें सांपों को जिंदा पकड़ने का शौक पैदा हुआ था। जिसके बाद उन्होंने लोहे के सरिये व लकड़ी से औजार बनाकर सांपों को रेस्क्यू करना शुरू कर दिया।
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इसके लिए उन्होंने महाराष्ट्र से हुक और टो औजार भी मंगवाए। माथुर धीमान अबतक करीबन एक हजार से ज्यादा सांप पकड़कर रेस्क्यू कर चुके हैं। इतना ही नहीं उन्हें डीएफओ पालमपुर से सांप पकड़ने के लिए प्रमाण पत्र भी मिला है।




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