चंबा/जालंधरः टोक्यो में खेले जा रहे ओलिंपिक गेम्स में 41 साल बाद देश की हॅाकी टीम ने जीत दर्ज कर कांस्य पदक अपने नाम किया है। भारतीय टीम को मिली इस जीत में हिमाचल प्रदेश के एक युवा की भी भागीदारी रही है। चंबा जिले के अंतर्गत आते डलहौजी के रहने वाले वरूण कुमार ने आज अपने प्रदेश का ही नहीं बल्कि अपने देश का नाम भी पूरी दुनिया में रोशन किया है।
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बता दें कि वरूण के पिता पेशे से ट्रक डाइवर हैं। जो पंजाब के मिट्ठापुर गांव में ट्रक चलाकर ही अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं और जालंधर में ही रह रहे हैं। बता दें कि जिले के डलहौजी के अंतर्गत आते एक सामान्य परिवार से संबंध रखने वाले वरूण का जन्म 25 जुलाई 1995 को ओसल पंचायत में हुआ था।
पंजाब के जालंधर स्थित डीएवी स्कूल से वरूण ने अपनी स्कूली शिक्षा ग्रहण की है। शिक्षा प्राप्त करने के बाद वरूण नोएडा स्थित भारत पेट्रोलियम कंपनी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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वरुण की इस उपलब्धि के उपरांत पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बना हुआ है। बेटे की इस उपलब्धि पर पिता ब्रह्मनंद ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि बेटे ने नाम रोशन कर दिया और उनका जीवन सफल हो गया। इसके साथ ही उन्होंने डलहौज़ी उपमंडल के लोगों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि वरुण की जड़ें हिमाचल से जुड़ी हैं और वह पंजाब का भी हीरा है।
सीएम जयराम बोले- तय मानदंड के अनुसार सम्मानित किया जाएगा
वहीं, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान डलहौजी की विधायक आशा कुमारी ने सदन को वरुण कुमार के संबंध में जानकारी दी, जिस पर सदन ने वरुण कुमार को बधाई दी है। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी बधाई देते हुए कहा कि वरुण को तय मानदंड के अनुसार सम्मानित किया जाएगा व इनामी राशि भी दी जाएगी।





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