शिमलाः देश में महंगाई सातवें आसमान पर है। मंहगाई के इस दौर ने तो मानो आम आदमी की कमर ही तोड़ दी है। पहले पैट्रोल-डीजल और खाद्य पदार्थों की चीजों की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है। वहीं, अब इसी कड़ी में भवन निर्माण कि लिए इस्तेमाल किए जाने वाली सामग्री जैसे रेत, बजरी, सीमेंट, और सरिया के दामों में भी भारी उछाल देखने को मिला है।
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बता दें कि हिमाचल में तो सीमेंट के कारखाने भी हैं लेकिन बावजूद इसके प्रदेश में सीमेंट के दाम बाहरी राज्यों से भी ज्यादा है। भवननिर्माण सामग्री के दामों में हुए इजाफे के कारण गरीब तबके से संबंध रखने वाले लोगों के लिए अब एक रूम सेट बनाना भी मुश्किल हो रहा है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण प्रदेश में हर तरह के कारोबार बंद कर दिए गए थे। इस बीच घरों के निर्माण कार्य भी रोक दिए गए थे।
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वहीं, दूसरी लहर के ठंडे पडने पर एक बार फिर घर बनाने के साथ-साथ अन्य निर्माण कार्य भी शुरू कर दिए गए हैं। माल की बढ़ती मांग के आधार पर माल न उपलब्ध होने के कारण अचानक से हर चीज के रेट बढ़ गए हैं।
दामों में अंतर-
निर्माण सामग्री पहले अब
- रेत प्रति ट्राली 2380 2940
- बजरी प्रति ट्राली 2520 3080
- सरिया प्रति किलो 40 60
- सीमेंट प्रति बैग 340 390
- ईंट प्रति ट्राली 4500 5600
- दिहाड़ी प्रति दिन 500 700




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