'पिता वीरभद्र सिंह साथ नहीं पर उनके आदर्श व आशीर्वाद हमेशा साथ, उनके सपनों को पूरा करूंगा'

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'पिता वीरभद्र सिंह साथ नहीं पर उनके आदर्श व आशीर्वाद हमेशा साथ, उनके सपनों को पूरा करूंगा'

शिमलाः हिमाचल प्रदेश को पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का निधन हुए पूरे एक महीने का वक्त बीत चुका है। इस महीने भर के दौरान हिमाचल प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा ही व्यक्ति रहा हो जिसने अपने जननेता और राजा को याद ना किया हो। 

तारादेवी पहुंचे विक्रमादित्य:

इस सब के बीच सूबे में होने वाले आगामी उपचुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों के नेता राजा वीरभद्र सिंह के निधन को भुलाने के प्रयास में जुटे रहे। वहीं, दूसरी तरफ पीछले महीने की आठ जुलाई को अपने पिता को गंवाने वाले कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह भी अपने पिता की विरासत को संजोने के प्रयास में जुटे हुए हैं। 

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इसी कड़ी में बीते कल विधायक विक्रमादित्य शिमला ग्रामीण के तारादेवी के निकट स्थित संकट मोचन के बढ़ई गांव में वन महोत्सव की अध्यक्षता करने पहुंचे हुए थे। जहां उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ अपने पिता को याद करते हुए पौधा रोपण किया। 

इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय वीरभद्र सिंह लोगों व सामजसेवा की जो विरासत उनके पास छोड़ गए हैं। उसे वह पूरी निष्ठा से निभाने का पूरा प्रयास करेंगे।

विधायक निधि से दिए आठ लाख:

उन्होंने कहा कि आज उनके पिता उनके बीच नहीं है पर उनके आदर्श और उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ और हमारे उपर रहेगा। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के सपनों को पूरा करेंगे और लोगों के दुखदर्द दूर करने का प्रयास करेंगे। 

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इसके साथ उन्होंने ये भी कहा कि शिमला ग्रामीण चुनाव क्षेत्र उनका घर है और क्षेत्र के लोग उनका परिवार हैं। क्षेत्र के विकास व समस्याओं के लिए कभी भी कोई भी व्यक्ति उनसे मिल सकता है। इतना ही नहीं उन्होंने विभिन्न पंचायतों की मांगों पर विधायक निधि से आठ लाख रुपए भी सवीकृत किए।

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