हिमाचल: खुद को कैंसर-पिता की आंख खराब, मां को लकवा; पत्नी बोली- भीख नहीं मांगूगी, काम करूंगी

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हिमाचल: खुद को कैंसर-पिता की आंख खराब, मां को लकवा; पत्नी बोली- भीख नहीं मांगूगी, काम करूंगी


कांगड़ा
। अगर आपने कभी दुखों के पहाड़ के बारे में सुना होगा या अपने जीवन के दुखों की तुलना पहाड़ से की होगी तो यह खबर पढने के बाद आपको शायद अपने सारे दुःख छोटे लगने लग जाएं। मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र का है। जहां पंचायत फकेड के भरनाला गांव के रहने वाले गरीबू राम की जिंदगी इन दिनों दुखों और संघर्षों से भर गई है। वहीं, अब उनका परिवार स्थानीय नेताओं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है। 

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सबसे पहले तो 6 सदस्यों के परिवार में रहने वाले गरीबू राम कैंसर की बीमारी से ग्रस्त हैं। वहीं, उनके पिता 70 साल के हैं और उनकी एक आंख खराब हो गई है। इसके बावजूद भी वह उम्र के बंधनों की परवाह ना करते हुए वे पाइन ऑयल के ठेकेदारों के लिए काम कर रहे हैं। इसी तरह शुगर के कारण गरीबू राम की मां की दोनों बाजू लकवाग्रस्त हो गई हैं। गरीबू राम का 11 साल का एक लड़का और 7 साल की एक लड़की की है। 

मैं भीख नहीं मांगूगी, मैं काम करूंगी

गरीबू राम की पत्नी किरन बाला परिवार में एकमात्र व्यक्ति है जो परिवार के लिए सबकुछ कर रही है। वह मैट्रिक पास है और उसने सीएम जयराम से उसकी और उसके परिवार की मदद करने का अनुरोध किया है। पति का कैंसर और बच्चों की शिक्षा उसके सामने 2 सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। किरण बाला ने कहा वह किसी के आगे भीख नहीं मांगना चाहती है, वहीं कहा कि यह एक महामारी का दौर है और नौकरी पाना संभव नहीं है। 

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किरण ने सीएम जयराम ठाकुर और ज्वालामुखी विधायक रमेश धवाला व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से उनकी मदद करने का अनुरोध किया। किरण बाला का कहना है कि उसे उसकी शिक्षा स्तर के अनुसार नौकरी की जरूरत है। वह काम करने के लिए तैयार है ताकि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सके।

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