देवभूमि में मासूमों पर जुल्म: फ़रिश्ता बनी पुलिस ने 14 बच्चों को किया रेस्क्यू, बना रखा था लेबर

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

देवभूमि में मासूमों पर जुल्म: फ़रिश्ता बनी पुलिस ने 14 बच्चों को किया रेस्क्यू, बना रखा था लेबर

सिरमौर: दुकानों में बच्चों द्वारा कराए जा रहे काम के मामले में चाइल्ड लाइन की टीम की कार्रवाई जारी है। ताजा मामले में चाइल्ड लाइन की सिरमौर टीम ने वीरवार को शहर के कई इलाकों की दुकानों में अचानक दबिश दी। कुल 14 बच्चों का रेस्क्यू किया गया।

पुलिस अधिकारी भी रहे मौजूद:

बता दें कि चाइल्ड लाइन की टीम ने जिस दुकानों में छापेमारी की उसके संचालक से काम रहे बच्चों की आयु प्रमाण पत्र की मांग की गई। जिसे दिखाने में वह असफल रहे। जिसके बाद बच्चों का रेस्क्यू कर मालिक पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल BJP के वाशिंग मशीन में धुल जाएंगे वीरभद्र के मंत्री के दाग; थाम लिया है जयराम का हाथ

टीम ने दिल्ली गेट से बड़ा चौक होते हुए गुन्नुघाट तक दुकानों, होटलों, ढ़ाबों इत्यादि का निरीक्षण किया। चाइल्ड लाइन टीम सदस्य निशा चौहान व सुरेशपाल की अगुवाई में निरीक्षण पर निकली थी।  पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कुल 14 बच्चों का रेस्क्यू किया गया।

मालिकों को दी गई कानून की जानकारी:

टीम ने इस बारे में दुकान मालिकों से बात की व चाइल्ड लेबर एक्ट के बारे में विस्तार से बताया गया और 1098 के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें बताया गया कि यदि 18 साल से कम उम्र के बच्चों से काम करवाया जा रहा है तो इसके लिए समय सीमा कम से कम पांच घंटे होती है। 

यह भी पढ़ें: शालिनी अग्निहोत्री की अंगूठी तो मिल गई: पर वहां जहां चोरी के दो दिन बाद ठहरी थीं SP साहिबा

इसमें भी बच्चे के पूरे दस्तावेजों का होना आवश्यक है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उन्हें इसके बदले में कितने पैसे दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही बच्चों के अभिभावकों को भी जागरूक किया गया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ