हिमाचल का मेडलिस्ट बेटा 'निषाद' पहुंचा घर: पिता के छलके आंसू, मां ने आंचल से ढका लाडले का सिर

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

हिमाचल का मेडलिस्ट बेटा 'निषाद' पहुंचा घर: पिता के छलके आंसू, मां ने आंचल से ढका लाडले का सिर

ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से ताल्लुक रखने वाले टोक्यो पैराओलंपिक के रजत पदक विजेता पैरा एथलीट निषाद कुमार आज देवभूमि पहुंच गए। इस दौरान उनका कई जगहों पर भव्य स्वागत किया गया। निषाद के ऊना आने की ख़ुशी में अंब से लेकर उनके घर धुसाड़ा तक लोगों ने खूब जश्न मनाया। इस दौरान परिजनों से मिलकर निषाद के आंसू छलक पड़े। 

यह भी पढ़ें: हिमाचलः घर से बाहर जाने के बहाने निकली थी 17 साल की बेटी, वो नहीं लौटी- मां पहुंची थाने

निषाद के स्वागत में मैहतपुर द्वार पर जिलावासियों ने अपनी पलकें बिछा दी। वहीं, अपने लाडले बेटे के स्वागत के लिए माता पुष्पा देवी, पिता रशपाल कदमों को रोक नहीं पाए। मां ने बेटे के मैहतपुर पहुंचते ही हार पहनाए। इससे पहले की यह प्रक्रिया पूरी होती। मां ने बेटे को अपनी चुनरी का आंचल ओढ़ दिया। यह पल भावुकता भरा था। मां के आंचल तले आकर न तो बेटा अपने आंसू रोक पाया और न माता पिता। 


यह भी पढ़ें: हिमाचलः सुबह-सेवेरे ट्रक और बाइक के बीच हुई टक्कर, युवक की गई जान

निषाद ने माता पिता सहित बहन रमा के साथ अपने सिल्वर मेडल को दिखा कर अपनी खुशी व्यक्त की। इस दौरान मीडिया कर्मियों से बात करते हुए निषाद ने कहा कि परेशानियों का दौर जीवन में आया और अनेक परेशानियों को झेला और हर खिलाड़ी परेशानियों के दौर को देखता है, लेकिन खुश हूं कि देश के लिए सिल्वर मेडल जीतने का सौभाग्य मिला है और अपने जिला व प्रदेश के साथ-साथ भारत का नाम ऊंचा हुआ है। 

यह भी पढ़ें: देवभूमि में मासूमों पर जुल्म: फ़रिश्ता बनी पुलिस ने 14 बच्चों को किया रेस्क्यू, बना रखा था लेबर

उन्होंने कहा कि मेरी सफलता का श्रेय देशवासियों को है, मेरे परिवार को है, भारत सरकार, हिमाचल सरकार व साई जिन्होंने मेरी मदद की इन सब को श्रेय जाता है। उन्होंने कहा कि मुझे पहले तो यकीन ही नहीं हुआ। चार बार मैंने स्कोरबोर्ड पर देखा तब जाकर के यकीन हुआ की खुशी के पल आ गए हैं। उन्होंने दिव्यांगों को संदेश देते हुए कहा कि हौसला रखें आगे बढ़ें, कोई भी शारीरिक रूप से विकलांग हो सकता है ,लेकिन मानसिक रूप से नहीं होता। इसलिए मन को मजबूत बनाते हुए आगे बढ़ें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ